BNT Desk: बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। मंगलवार को पटना स्थित जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ एक मैराथन बैठक के बाद निशांत ने अपनी बहुप्रतीक्षित ‘बिहार यात्रा’ का आधिकारिक ऐलान कर दिया।
निशांत कुमार 3 मई से पूरे बिहार के दौरे पर निकलेंगे। इस यात्रा की शुरुआत ऐतिहासिक धरती पश्चिमी चंपारण से होगी। निशांत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस यात्रा के दौरान उनके साथ ‘संजय अंकल’ यानी जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
संजय झा का समर्थन और पार्टी की रणनीति
निशांत कुमार की इस घोषणा पर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि निशांत फिलहाल सभी जिलाध्यक्षों से मुलाकात कर रहे हैं और संगठन की जमीनी हकीकत को समझ रहे हैं। संजय झा ने कहा, “निशांत कुमार की यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। आने वाले समय में वे पूरे बिहार का भ्रमण करेंगे। आगे की विस्तृत रणनीति पार्टी के वरिष्ठ नेता बैठकर तय करेंगे।”
सियासी गलियारों में इस यात्रा को नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने और युवाओं को जेडीयू से जोड़ने की एक बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
श्रवण कुमार को मिली बड़ी कमान: बने जेडीयू विधायक दल के नेता
पार्टी के भीतर एक और बड़ा सांगठनिक बदलाव हुआ है। नालंदा से वरिष्ठ विधायक और नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शुमार श्रवण कुमार को जेडीयू विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया है।
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद यह पद खाली हो गया था। सोमवार को सीएम हाउस में हुई बैठक में विधायकों ने सर्वसम्मति से श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगाई थी। नीतीश कुमार की अंतिम मंजूरी के बाद विधानसभा सचिवालय ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। गौरतलब है कि हाल ही में श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाकर Y+ कैटेगरी की गई है, जो पार्टी और सरकार में उनके बढ़ते कद का स्पष्ट संकेत है।
मिशन 2030: सीएम हाउस में बनी ‘200 सीटों’ की रणनीति
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) में नीतीश कुमार की अध्यक्षता में जेडीयू विधायकों की एक अहम बैठक हुई। करीब 90 मिनट तक चली इस बैठक में पार्टी के भविष्य और आगामी चुनावों को लेकर ‘रोडमैप’ तैयार किया गया।
बैठक के मुख्य आकर्षण:
-
बड़ा लक्ष्य: पार्टी ने साल 2030 तक बिहार विधानसभा में 200 सीटें जीतने का महा-लक्ष्य निर्धारित किया है।
-
नीतीश का निर्देश: नीतीश कुमार ने सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और सीधे जनता के बीच जाकर काम करने का कड़ा निर्देश दिया।
-
खुद करेंगे दौरा: नीतीश कुमार ने विधायकों को भरोसा दिलाया कि वे खुद भी जल्द ही पूरे बिहार का दौरा शुरू करेंगे और जनता से संवाद करेंगे।
बैठक के बाद पूर्व विधायक अनंत सिंह ने मीडिया को बताया कि नीतीश कुमार पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में हैं। उन्होंने सभी को कड़ी मेहनत करने और अगली बार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटने का गुरुमंत्र दिया है।