सोनपुर: Dream Amazing Realtors के Highway Pride प्रोजेक्ट का कच्चा चिट्ठा

Parambir Singh
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पटना/सारण: बिहार की भोली-भाली जनता को निवेश के नाम पर ठगने का एक और बड़ा मामला सामने आ रहा है। इस बार खेल ‘सोनपुर एयरपोर्ट’ और ‘सेफ इन्वेस्टमेंट’ के नाम पर रचा गया है। सारण जिले के परमानंदपुर इलाके में Highway Pride नामक एक टाउनशिप प्रोजेक्ट के जरिए करोड़ों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस प्रोजेक्ट का सरकारी रिकॉर्ड में कहीं अता-पता नहीं है।

बिना RERA रजिस्ट्रेशन के बिक रहे हैं प्लॉट

रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए Dream Amazing Realtors Pvt. Ltd. नाम की कंपनी धड़ल्ले से प्लॉट की बुकिंग कर रही है। जांच में सामने आया है कि इस प्रोजेक्ट के पास न तो रेरा नंबर है और न ही सरकार से नक्शा पास कराया गया है।

LinkedIn प्रोफाइल से खुला MD का राज

पड़ताल के दौरान कंपनी के कर्ताधर्ताओं के चेहरे भी बेनकाब हो रहे हैं। प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट LinkedIn के अनुसार, रितेश मिश्रा इस कंपनी (Dream Amazing Realtors) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) बताए जा रहे हैं। जब एक निवेशक बनकर कंपनी से सीधा सवाल किया गया कि क्या उनके पास RERA रजिस्ट्रेशन है, तो जवाब “नहीं” में मिला।

परमानंदपुर में ‘EMI’ का जाल: क्या है पूरा खेल?

सारण के परमानंदपुर के आसपास जमीन बताकर सैकड़ों प्लॉट काटे जा रहे हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों को लुभाने के लिए EMI (आसान किस्तों) का ऑफर दिया जा रहा है। विज्ञापनों में इसे “Safe Investment” बताया जा रहा है, जबकि कानूनन बिना रेरा रजिस्ट्रेशन के एक भी प्लॉट बेचना या उसका विज्ञापन करना पूरी तरह गैरकानूनी है।

RERA का नियम क्या कहता है? रेरा के नियमानुसार, किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। प्रमोटर को जमीन के मालिकाना हक, नक्शा और सभी जरूरी मंजूरियां पोर्टल पर सार्वजनिक करनी होती हैं। लेकिन Highway Pride के मामले में पहले प्लॉट बेचे जा रहे हैं और नियम-कानून को ताक पर रख दिया गया है।

पुराने खिलाड़ी, नया नाम: बिहटा से नयागांव तक का कनेक्शन

यह पहली बार नहीं है जब बिहार के निवेशकों के साथ ऐसा खिलवाड़ हो रहा है। इससे पहले भी बिहटा, नयागांव, ग्रीन सिटी और केशरी वाटिका जैसे कई प्रोजेक्ट्स में इसी तरह के फर्जीवाड़े के खुलासे हो चुके हैं। हर बार कंपनी का नाम और गेट का रंग बदल जाता है, लेकिन ठगी का तरीका वही पुराना रहता है।

सिस्टम की चुप्पी पर बड़े सवाल

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • RERA बिहार: क्या विभाग को खुलेआम चल रहे इन विज्ञापनों की जानकारी नहीं है?

  • रजिस्ट्री ऑफिस: बिना जरूरी कागजातों के इन जमीनों का हस्तांतरण कैसे सुनिश्चित किया जा रहा है?

  • स्थानीय प्रशासन: आखिर किसके संरक्षण में बिना अनुमति के सैकड़ों प्लॉट की मार्केटिंग की जा रही है?

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सावधान रहें और अपनी गाढ़ी कमाई बचाएं

अगर आप भी इस प्रोजेक्ट या ऐसी किसी स्कीम में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले रेरा बिहार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर चेक करें। कागज पर दिख रहे लुभावने सपनों और जमीन की हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर हो सकता है।

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साझा करें अपनी शिकायत: इस मामले की गहराई से जांच जारी है। जमीन की असलियत से लेकर प्रमोटर के रसूख तक, हर परत खोली जाएगी। अगर आप भी इस प्रोजेक्ट के शिकार हुए हैं या आपके पास कोई जानकारी है, तो आप 8294610522 पर संपर्क कर सकते हैं।

परमबीर सिंह की रिपोर्ट  

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