BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना से देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त (चीटिंग मुक्त) तरीके से संपन्न कराने के लिए पटना जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
24 मई 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए राजधानी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों की सहूलियत और शहर की कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरे पटना में व्यापक तैयारियां की गई हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती से लेकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं।
39 हजार अभ्यर्थियों का बड़ा जमावड़ा
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल पटना में यूपीएससी परीक्षा के लिए कुल 79 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर राजधानी और बिहार के अलग-अलग जिलों से आए करीब 39,000 (उनतालीस हजार) अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इतने बड़े पैमाने पर छात्रों की मौजूदगी को देखते हुए हर केंद्र पर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। सभी केंद्रों को संवेदनशील मानते हुए वहां सीसीटीवी कैमरों और जैमर (Jammer) की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल न किया जा सके।
सख्त टाइमिंग का नियम
प्रशासन ने अभ्यर्थियों के लिए समय सारणी (Timing) को लेकर बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है। अक्सर देखा जाता है कि छात्र देर से पहुंचने के कारण परीक्षा से वंचित रह जाते हैं, इसलिए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं:
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पहली शिफ्ट (सुबह): परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अंतिम समय-सीमा सुबह 9:00 बजे तय की गई है। इसके बाद किसी भी कीमत पर गेट नहीं खोला जाएगा।
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दूसरी शिफ्ट (दोपहर): दोपहर की पाली के लिए प्रवेश की अंतिम समय-सीमा दोपहर 2:00 बजे निर्धारित है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय से एक मिनट भी देरी से पहुंचता है, तो उसे परीक्षा केंद्र के भीतर जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं मिलेगी। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक और दूरी का ध्यान रखते हुए समय से काफी पहले केंद्रों पर पहुंच जाएं।
पटना की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव
हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के सड़क पर उतरने से शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पटना ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूट चार्ट तैयार किया है। परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर भारी वाहनों (जैसे ट्रक और डंपर) के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
बस स्टैंड, पटना जंक्शन और मुख्य चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि परीक्षा देने जा रहे छात्रों की गाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर निकाला जा सके। ऑटो और ई-रिक्शा के लिए भी अस्थायी रूट तय किए गए हैं ताकि रेलवे स्टेशन और स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में छात्रों को कोई परेशानी न हो।
कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा
जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने संयुक्त आदेश जारी कर बताया है कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए त्रिस्तरीय (Three-tier) सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
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परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर सघन तलाशी ली जाएगी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के कागज को अंदर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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केंद्रों के आसपास (100 मीटर के दायरे में) धारा 144 लागू रहेगी, जिसके तहत फोटोकॉपी की दुकानें बंद रहेंगी और अनावश्यक भीड़ लगाने पर पाबंदी होगी।
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फ्लाइंग स्क्वाड (उड़न दस्ता) की टीमें लगातार शहर के अलग-अलग केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।
प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आयोग द्वारा जारी गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें और परीक्षा को सफल बनाने में सहयोग दें।