गोपालगंज: वायरल वीडियो केस में बाहुबली विधायक अनंत सिंह को राहत, पुलिस से मांगी केस डायरी, 30 मई को अगली सुनवाई

BiharNewsAuthor
6 Min Read

BNT Desk: बिहार की सियासत और कानूनी गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। मोकामा के पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह को गोपालगंज की एक अदालत से बहुत बड़ी राहत मिली है। एके-pattern (AK Pattern) राइफल लहराने और अश्लील गानों पर डांस के वायरल वीडियो मामले में घिरे अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई अब 30 मई 2026 को तय की गई है। तब तक पुलिस उन्हें इस मामले में गिरफ्तार नहीं कर पाएगी। यह आदेश आने के बाद विधायक समर्थकों ने राहत की सांस ली है, जबकि पुलिस प्रशासन अब अपनी अगली कानूनी रणनीति बनाने में जुट गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद मई महीने की शुरुआत से जुड़ा है। दरअसल, गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में रहने वाले गुड्डू राय के घर पर बीते 2 और 3 मई को उपनयन संस्कार (जनेऊ) का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस पारिवारिक और मांगलिक उत्सव में शामिल होने के लिए मोकामा के कद्दावर नेता अनंत सिंह अपने सैकड़ों समर्थकों और गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे थे।

आरोप है कि उपनयन संस्कार के मुख्य कार्यक्रम के बाद, 3 और 4 मई की रात को वहां एक सांस्कृतिक कार्यक्रम (डांस प्रोग्राम) का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में न केवल बेहद अश्लील गानों पर डांस कराया गया, बल्कि कुछ लोगों द्वारा हाथों में खुलेआम अत्याधुनिक हथियार लहराते हुए नाचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

साइबर सेल की कार्रवाई और दर्ज हुई FIR

जब हथियारों के साथ अश्लील डांस का यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ, तो गोपालगंज पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। वीडियो की गंभीरता को देखते हुए 4 मई को साइबर सेल के सब-इंस्पेक्टर नवीन कुमार की लिखित शिकायत पर मीरगंज थाने में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।

इस मामले में कुल 9 लोगों को नामजद (आरोपी) बनाया गया था, जिनमें मुख्य रूप से:

  • पूर्व विधायक अनंत सिंह

  • कार्यक्रम के आयोजक गुड्डू राय

  • मशहूर भोजपुरी लोक गायक गुंजन सिंह शामिल हैं।

    इसके अलावा, वीडियो में दिख रहे कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।

 

AK पैटर्न राइफल ने बढ़ाई मुश्किलें

यह मामला साधारण हथियारों के प्रदर्शन से कहीं ज्यादा गंभीर तब हो गया, जब वायरल वीडियो में एक खतरनाक एके पैटर्न (AK Pattern) की राइफल दिखाई दी। देश में प्रतिबंधित और बेहद घातक श्रेणी में आने वाले इस हथियार के दिखने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय तक हड़कंप मच गया।

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) विनय तिवारी ने दर्ज प्राथमिकी में इस एके पैटर्न राइफल की मौजूदगी पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि इस बात की गहन जांच होनी जरूरी है कि कार्यक्रम में दिखा हथियार असली एके-47 या उसी श्रेणी का कोई अन्य घातक हथियार था या नहीं। इसके लिए उन्होंने हथियार की बैलेस्टिक जांच (Forensic & Ballistic Examination) कराने का फैसला किया।

इसी सिलसिले में पुलिस ने एक नोटिस जारी कर अनंत सिंह समेत सभी नामजद आरोपियों को 15 मई को मीरगंज थाने में अपने-अपने वैध हथियारों के साथ उपस्थित होने और उनका भौतिक सत्यापन (Verification) कराने का आदेश दिया था। हालांकि, निर्धारित तारीख को पूर्व विधायक अनंत सिंह थाने नहीं पहुंचे थे।

कोर्ट में हुई बहस और मिला सुरक्षा कवच

थाने न पहुंचने और पुलिसिया गिरफ्तारी की तलवार लटकने के बीच, अनंत सिंह के वकीलों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन पाठक के माध्यम से गोपालगंज के एडीजे-तीन (ADJ-3) सह विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) और गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने के लिए एक अर्जी दाखिल की गई थी।

आज सोमवार को इस आवेदन पर कोर्ट में लंबी और तीखी बहस हुई। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि इस मामले में उन्हें राजनीतिक द्वेष के तहत फंसाया जा रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, माननीय अदालत ने अनंत सिंह को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अगले आदेश (30 मई) तक अंतरिम रोक लगा दी। इसके साथ ही, अदालत ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे आगामी 30 मई को होने वाली सुनवाई में इस केस की अपडेटेड केस डायरी (Case Diary) कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें।

30 मई पर टिकीं सबकी निगाहें

एके पैटर्न राइफल का मामला सामने आने के बाद से ही यह पूरा वाकया बिहार की राजनीति और मीडिया में लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब हर किसी की नजरें आगामी 30 मई को होने वाली अगली अदालती सुनवाई पर टिकी हुई हैं। देखना बेहद दिलचस्प होगा कि पुलिस कोर्ट में क्या सबूत पेश करती है और माननीय न्यायालय इस बाहुबली नेता की अग्रिम जमानत पर आगे क्या अंतिम फैसला सुनाता है।

Share This Article