बिहार: AI Summit में CM सम्राट चौधरी का बड़ा विजन: 125 KM का गंगा एक्सप्रेसवे; 5 साल में बिजली दोगुनी, प्रवासियों से मदद की अपील

BiharNewsAuthor
6 Min Read

BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राजधानी पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित भव्य ‘एआई समिट’ (AI Summit) में शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास, कानून-व्यवस्था, तकनीक और उद्योगों को लेकर सरकार का एक बड़ा और आधुनिक रोडमैप देश के सामने रखा। उन्होंने साफ कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है, और बिहार सरकार इसका इस्तेमाल प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने, पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए करने जा रही है।

AI तकनीक से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

मुख्यमंत्री ने पटना की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तकनीक के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राजधानी पटना में सुरक्षा के लिहाज से हजारों सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जा चुके हैं। अब इन कैमरों को एआई तकनीक से लैस किया जा रहा है, जिससे अपराधियों को पकड़ना बेहद आसान और तेज हो जाएगा।

अपनी बात को समझाने के लिए उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा:

“अगर हमारा सुरक्षा सिस्टम को किसी ‘हरे गमछे वाले व्यक्ति’ को ढूंढने का कमांड देता है, तो एआई तकनीक पलक झपकते ही शहर के तमाम कैमरों को स्कैन करके उस व्यक्ति को ट्रैक कर लेगी।”

हालांकि, इस बयान पर राजनीतिक अर्थ न निकाले जाएं, इसके लिए उन्होंने तुरंत स्पष्ट भी किया कि उनका इशारा किसी खास व्यक्ति या राजनीतिक दल की तरफ नहीं था, बल्कि यह सिर्फ तकनीक की ताकत दिखाने का एक उदाहरण था।

अपराधियों की कोई जाति नहीं, 48 घंटे में होगा एक्शन

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों की कोई जाति या मजहब नहीं होता है। सरकार ने पुलिस और प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी छूट (फ्री हैंड) दे रखी है।

उन्होंने अधिकारियों को दो टूक लहजे में निर्देश दिया कि यदि कोई भी अपराधी या माफिया कानून और व्यवस्था को चुनौती देने की जुर्रत करता है, तो पुलिस को उसे 48 घंटे के भीतर करारा और सख्त जवाब देना चाहिए। राज्य में ‘रूल ऑफ लॉ’ (कानून का राज) स्थापित करना इस सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।

सरकारी टेंडरों में एआई से बचे पैसे

मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई का इस्तेमाल सिर्फ पुलिस और अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उपयोग सरकारी विभागों में पारदर्शिता (Transparency) और काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में सरकारी टेंडरों की दोबारा जांच के लिए जब एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया, तो उससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी और सरकार के करोड़ों रुपयों की बचत हुई।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार के “सहयोग पोर्टल” को और अधिक बेहतर और वैश्विक स्तर का बनाया जाए। एक ऐसा डिजिटल मंच तैयार किया जाए जहाँ बिहार के लोग और विदेशों में रहने वाले प्रवासी बिहारी राज्य के विकास और इसकी गौरवशाली विरासत को संवारने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकें।

सफल और प्रवासी बिहारियों से भावुक अपील

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रहे प्रवासियों और युवाओं से एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि जो बिहारी युवा या नागरिक बाहर जाकर बड़ी सफलता हासिल कर चुके हैं, वे अपनी जन्मभूमि को न भूलें। वे जहां हैं, वहीं से तकनीक और अपने अनुभवों के जरिए बिहार के विकास में अपना योगदान देकर मातृभूमि का कर्ज चुका सकते हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि मजदूरी के लिए बाहर जाने वाले मजबूर लोगों की चिंता और उनके कल्याण का काम सरकार पूरी जिम्मेदारी से करेगी, लेकिन सफल लोगों को बिहार को आगे बढ़ाने में पार्टनर बनना चाहिए।

मरीन ड्राइव का 125 किलोमीटर तक विस्तार

बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को लेकर मुख्यमंत्री ने पटना के लोगों को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने घोषणा की कि पटना के मौजूदा 21 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव का अब महा-विस्तार किया जाएगा। इसे अब लगभग 125 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित करने की योजना है।

  • लागत: इस मेगा प्रोजेक्ट पर करीब 19 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

  • मॉडल: इसे पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल पर बनाया जाएगा।

  • समय-सीमा: सरकार ने इस एक्सप्रेसवे को अगले 3 वर्षों के भीतर पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

 

राजस्व और बिजली उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य

उद्योग और राज्य की आर्थिक सेहत पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल फैक्ट्रियां लगा देना ही हमारा लक्ष्य नहीं है, बल्कि हमें बिहार की पूरी अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है।

  • राजस्व: राज्य का मौजूदा राजस्व संग्रह (Revenue) लगभग 60 हजार करोड़ रुपये है, जिसे बहुत जल्द बढ़ाकर 70 हजार करोड़ रुपये सालाना करने की तैयारी है।

  • बिजली क्षेत्र: बिहार में आईटी हब, डेटा सेंटर और पावर सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। वर्तमान में राज्य 10 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जिसे अगले 5 वर्षों के भीतर दोगुना यानी 20 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य तय किया गया है।

Share This Article