पटना: गांधी घाट पर गंगा स्नान के दौरान 4 युवक डूबे, 3 शव बरामद, 1 लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना के प्रसिद्ध गांधी घाट से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। यहां गंगा नदी में नहाने (स्नान करने) गए चार युवक गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गए। इस दौरान युवकों को डूबता देख उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरा एक अन्य शख्स भी गंगा की तेज लहरों में समा गया। इस भीषण हादसे के बाद गांधी घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चीख-पुकार और हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और बचाव दल की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, पटना के कदमकुआं (दरियापुर) इलाके के रहने वाले कुछ युवक गर्मी से राहत पाने और गंगा स्नान करने के उद्देश्य से गांधी घाट आए थे। नदी के किनारे नहाने के दौरान युवकों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं मिला और वे धीरे-धीरे गहरे पानी की तरफ चले गए।

तेज धारा की चपेट में आने से जब युवक डूबने लगे और जान बचाने के लिए चिल्लाने लगे, तो वहां मौजूद चंदन कुमार नाम के एक शख्स ने मानवता दिखाते हुए उन्हें बचाने के लिए गंगा नदी में छलांग लगा दी। लेकिन अफसोस, नदी की गहराई और तेज बहाव के आगे चंदन की कोशिशें नाकाम रहीं और वह खुद भी बाकी युवकों के साथ गंगा नदी में समा गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन: 3 शव बरामद, परिवारों में कोहराम

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की मदद से नदी में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन (खोज अभियान) शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने नदी से तीन लोगों के शवों को बाहर निकाल लिया है।

  • मृतकों की पहचान: नदी से निकाले गए शवों की पहचान कदमकुआं दरियापुर के रहने वाले अमित कुमार, समर कुमार और उन्हें बचाने गए जांबाज युवक चंदन कुमार के रूप में हुई है।

  • शवों के बाहर निकलते ही घाट पर मौजूद परिजनों के बीच कोहराम मच गया। माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

 

एक युवक ‘जय’ उर्फ ‘जॉय’ अब भी लापता, तलाश जारी

इस हादसे में डूबा एक अन्य युवक जिसका नाम जय कुमार (उर्फ जॉय) बताया जा रहा है, वह अभी भी लापता है। गंगा नदी के गहरे पानी और तेज बहाव के बीच लापता जय की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है।

मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों की मदद से एसडीआरएफ के गोताखोर नदी के अलग-अलग हिस्सों में जय को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, घंटों बीत जाने के बाद भी अभी तक जय का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिजनों की चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं।

स्थानीय प्रशासन की अपील

गांधी घाट पर हुए इस बड़े हादसे ने एक बार फिर नदी के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की लापरवाही को उजागर कर दिया है। अक्सर देखा जाता है कि युवक मौज-मस्ती के चक्कर में प्रशासन द्वारा लगाए गए डेंजर जोन (खतरे के निशान) को पार कर जाते हैं, जो ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनता है।

घटनास्थल पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से भावुक अपील की है कि वे गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए घाटों पर सावधानी बरतें। किसी भी परिस्थिति में तैरना न आने पर या गहरे पानी में उतरने का जोखिम न उठाएं, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को कभी न भूलने वाला गम दे सकती है।

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