BNT Desk: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राज्य के सियासी गलियारों से एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। RJD की कद्दावर नेता और महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। राजधानी पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक मिलन समारोह के दौरान बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने रितु जायसवाल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई और अंगवस्त्र देकर उनका स्वागत किया। बिहार की राजनीति में रितु जायसवाल एक बेहद मुखर और चर्चित चेहरा रही हैं, ऐसे में उनका बीजेपी में जाना राजद के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
राजद में रहा है लंबा और सक्रिय सफर
रितु जायसवाल ने राजद में रहते हुए लंबे समय तक जमीनी स्तर से लेकर मीडिया चैनलों तक पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। पार्टी के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए ही राजद ने उन्हें महिला प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके अलावा, साल 2021 से लेकर 2023 तक वह राजद की राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में भी काम कर चुकी हैं।
विधानसभा से लेकर लोकसभा तक का चुनावी सफर
रितु जायसवाल का चुनावी सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिसे इस प्रकार समझा जा सकता है:
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2020 विधानसभा चुनाव: राजद ने उन्हें पहली बार सीतामढ़ी की परिहार विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में उन्होंने कड़ी टक्कर दी, लेकिन बेहद मामूली अंतर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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2024 लोकसभा चुनाव: पार्टी ने उनके बढ़ते कद को देखते हुए शिवहर लोकसभा सीट से एनडीए उम्मीदवार लवली आनंद के खिलाफ मैदान में उतारा। इस चुनाव में रितु जायसवाल को करीब 4.47 लाख वोट मिले, लेकिन वह लगभग 29 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हार गईं।
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2025 का टिकट कटना और बगावत: हालिया 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद ने परिहार सीट से रितु जायसवाल का टिकट काट दिया और उनकी जगह पार्टी के वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे की बहू को मैदान में उतार दिया। इस फैसले से नाराज होकर रितु जायसवाल ने निर्दलीय (बागी) चुनाव लड़ा। उन्होंने परिहार से करीब 64 हजार वोट हासिल किए, जो राजद उम्मीदवार की करारी हार का सबसे बड़ा कारण बना। इसके बाद राजद ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
बीजेपी ज्वाइन करने के बाद क्या बोलीं रितु जायसवाल?
बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद रितु जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए अपनी पुरानी पार्टी पर जमकर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की तारीफ की।
“एक नाम जो बरसों से सबकी जुबान पर था, उसे बदलने में थोड़ा वक्त जरूर लगता है। मुझे पता है कि मेरे पाला बदलने के बाद विरोधी मेरी पुरानी वीडियो निकालकर मुझे सोशल मीडिया पर ट्रोल करेंगे, लेकिन मैं इन सब चीजों से डरने वाली नहीं हूं, मैं पूरी तरह निडर हूं। जब मेरा टिकट काटा गया और मैंने निर्दलीय चुनाव लड़ा, तो लोगों ने मुझे बागी कहा। लेकिन सच यह है कि परिहार की जनता खुद सिस्टम के खिलाफ बागी हो चुकी थी और उन्हें अपनी सेवा के लिए रितु जायसवाल ही चाहिए थी, तभी मुझे 65 हजार वोट मिले।”
— रितु जायसवाल
उन्होंने आगे कहा कि लोग मुझसे पूछेंगे कि मैंने बीजेपी ही क्यों चुनी? तो मेरा साफ जवाब है कि मैंने उस पार्टी को चुना है जो राजनीति से पहले राष्ट्र और देशहित को आगे रखती है। उन्होंने पीएम मोदी की विकास नीतियों और खासकर ‘आयुष्मान भारत योजना’ की जमकर तारीफ की। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल का आभार व्यक्त किया।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का राजद पर तीखा हमला
इस मौके पर रितु जायसवाल और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की राजनीति पर सीधा हमला बोला।
संजय सरावगी ने कहा कि रितु जायसवाल ने सामाजिक कार्यों से लेकर मुखिया के सफर और लोकसभा-विधानसभा चुनाव तक अपनी एक अलग पहचान बनाई है। बीजेपी महज एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक बड़ा परिवार है।
राजद को चेतावनी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने एक बड़ा बयान दिया:
“मैं राजद के नेतृत्व को साफ-साफ बताना चाहता हूं कि फिलहाल भाजपा का दरवाजा बंद है। जिस दिन भाजपा ने अपना दरवाजा पूरी तरह खोल दिया, उस दिन राजद की चौखट पर दीपक जलाने के लिए भी कोई नेता नहीं बचेगा। सभी समझदार नेता राजद का साथ छोड़ देंगे।”
रितु जायसवाल के बीजेपी में आने से तिरहुत और मिथिलांचल के इलाके में बीजेपी की संगठनात्मक शक्ति को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।