BNT Desk: समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। जहांगीरपुर उत्तर पंचायत के गेहूंमाना गांव के पास बुलेट मोटरसाइकिल और साइकिल के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में साइकिल सवार राजमिस्त्री और बुलेट पर पीछे बैठे मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गेहूंमाना गांव के पास रात करीब 9 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, मुरादपुर निवासी पूर्व चौकीदार के पुत्र और सीआरपीएफ जवान महेश पासवान गुरुवार रात अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से करियन गांव निवासी मजदूर विक्की कुमार (35) को लेकर जा रहे थे। दोनों किसी काम से जा रहे थे।
इसी दौरान रात करीब 9 बजे गेहूंमाना गांव के समीप सामने से साइकिल पर आ रहे राजमिस्त्री डब्लू साह (24) की बुलेट से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बुलेट और साइकिल सवार सभी लोग सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना में डब्लू साह और विक्की कुमार समेत अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों की मदद शुरू की और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान राजमिस्त्री और मजदूर की मौत
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण डब्लू साह और विक्की कुमार की हालत बिगड़ती चली गई।
इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। दो लोगों की मौत की खबर सामने आते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक का माहौल है।
बताया गया है कि मृतक विक्की कुमार बुलेट सवार जवान के यहां मजदूरी करता था। हादसे के कारणों को लेकर स्थानीय स्तर पर बुलेट की तेज या अनियंत्रित गति की बात कही जा रही है। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सुबह मौत की खबर मिलते ही सड़क पर उतरे ग्रामीण
शुक्रवार सुबह जैसे ही हादसे में दो लोगों की मौत की जानकारी ग्रामीणों और परिजनों को मिली, लोगों में आक्रोश फैल गया। मृतकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आक्रोशित लोगों ने करियन और एरौत गांव के पास दो अलग-अलग स्थानों पर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बांस-बल्ले लगाकर आवागमन रोक दिया।
सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई घंटों तक लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
अधिकारियों के पहुंचने के बाद शांत हुआ मामला
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अंचलाधिकारी और पुलिस बल ने ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराने का प्रयास किया।
प्रशासन की ओर से तत्काल राहत के तौर पर मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये का चेक दिए जाने की जानकारी है। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क से जाम हटाया और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ। प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले में नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए दोनों शव
रोसड़ा थाना पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष लालबाबू कुमार ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन के संबंध में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ। दुर्घटना के समय वाहनों की गति कितनी थी और टक्कर की मुख्य वजह क्या रही, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में दुख का माहौल है। एक तरफ परिवार के सामने दो लोगों को खोने का गम है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों की मांग है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को जरूरी कदम उठाने चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर वाहनों की तेज गति और लापरवाही के कारण ऐसे हादसे गंभीर रूप लेते हैं। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हादसे की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।