पटना: AI वीडियो विवाद पर बिहार की राजनीति गर्म, प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे JDU MLC नीरज कुमार

BNT
By
6 Min Read

BNT Desk: बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच एक नया राजनीतिक विवाद सामने आ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक चुनावी वीडियो को लेकर शुरू हुई बयानबाजी अब पुलिस थाने तक पहुंच गई है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नीरज कुमार ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना के शास्त्रीनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत उस बयान के बाद की गई है, जिसमें प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक चुनावी वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया वीडियो बताया था। इस मामले ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। जेडीयू ने इसे जनता को भ्रमित करने की कोशिश बताया है, जबकि प्रशांत किशोर के बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

 

क्या है पूरा मामला?

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के दौरान जेडीयू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में मुख्यमंत्री बांकीपुर की जनता से जेडीयू उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की अपील करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि यह वास्तविक वीडियो नहीं है, बल्कि एआई तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विवाद शुरू हो गया। जेडीयू नेताओं ने प्रशांत किशोर के इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वीडियो असली है और इसे फर्जी बताकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।

 

शिकायत दर्ज कराने पहुंचे नीरज कुमार

इसी विवाद को लेकर जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार बुधवार को पटना के शास्त्रीनगर थाना पहुंचे। उन्होंने प्रशांत किशोर के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। नीरज कुमार का कहना है कि चुनाव के समय बिना किसी ठोस सबूत के इस तरह का बयान देना जनता को गुमराह करने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के वीडियो को एआई बताकर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

 

JDU ने उठाए सवाल

जेडीयू नेताओं का कहना है कि यदि किसी के पास कोई आरोप है तो उसके समर्थन में प्रमाण भी होने चाहिए। केवल राजनीतिक बयान देकर किसी वीडियो को फर्जी या एआई से बना हुआ बताना उचित नहीं है। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री का वीडियो पूरी तरह वास्तविक है और चुनाव प्रचार के दौरान रिकॉर्ड किया गया है। ऐसे में बिना जांच के उसे एआई वीडियो बताना गलत सूचना फैलाने जैसा है। जेडीयू नेताओं का यह भी कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की बातें मतदाताओं को भ्रमित कर सकती हैं। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

 

चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पहले से ही बिहार की राजनीति का सबसे चर्चित चुनाव बना हुआ है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री के वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद चुनावी चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के अंतिम चरण में इस तरह के विवाद मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करते हैं। हालांकि इसका चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ेगा, यह मतदान के बाद ही साफ हो सकेगा।

 

पुलिस क्या करेगी?

फिलहाल शास्त्रीनगर थाना में शिकायत दिए जाने के बाद पुलिस पूरे मामले का अध्ययन करेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि पुलिस को प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता दिखाई देता है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि जांच में किसी तकनीकी परीक्षण की जरूरत पड़ी, तो संबंधित एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है।

 

सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथित एआई वीडियो को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच चुका है। एक तरफ जेडीयू इसे झूठा और भ्रामक प्रचार बता रही है, तो दूसरी ओर प्रशांत किशोर के बयान को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। साथ ही यह भी देखना होगा कि इस विवाद का बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के चुनावी माहौल पर कितना प्रभाव पड़ता है।

Share This Article