BNT Desk: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। 19 सितंबर को बाइक से जा रहे नाबालिग छात्र और छात्रा को कुछ युवकों द्वारा रास्ते में रोककर कथित तौर पर प्रताड़ित करने और छात्रा के साथ बदसलूकी किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना को लेकर बिहार कांग्रेस ने आज पूरे राज्य में धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
जिला और प्रखंड स्तर पर कांग्रेस करेगी प्रदर्शन
बिहार कांग्रेस ने जमुई की घटना के विरोध में राज्यभर में प्रदर्शन आयोजित करने का निर्देश दिया है। पार्टी की ओर से जिला और प्रखंड स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदर्शन में शामिल होने को कहा गया है। राजधानी पटना में भी कांग्रेस की ओर से विरोध-प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। जानकारी के अनुसार, शाम चार बजे कारगिल चौक पर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जुटेंगे। इस प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। कांग्रेस का कहना है कि जमुई में सामने आई घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और महिलाओं तथा बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने जमुई की घटना को गंभीर और चिंताजनक बताया है। पार्टी के अनुसार, रास्ते में छात्र और छात्रा को कथित तौर पर जबरन रोकना, उनके साथ प्रताड़ना करना और छात्रा के साथ दुर्व्यवहार किया जाना कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा है कि इसमें दिखाई दे रहा कथित व्यवहार महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की घटनाओं को लेकर प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच फिलहाल जारी है और मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांची जा रही है।
पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। जमुई पुलिस के अनुसार, मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी शुरू की है। जमुई एसपी के अनुसार, घटना में पीड़ित छात्र और छात्रा भी नाबालिग हैं और दोनों जमुई शहर के रहने वाले हैं। मामले की जांच के दौरान पुलिस घटना के वीडियो और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और प्रत्येक की भूमिका क्या थी।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी पुलिस की नजर
जमुई पुलिस ने घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को लेकर भी कार्रवाई की बात कही है। पुलिस के अनुसार, नाबालिग पीड़ितों की पहचान से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक करने से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। इसके तहत पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। इससे साफ है कि पुलिस घटना की जांच के साथ-साथ पीड़ित नाबालिगों की पहचान और निजता से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दे रही है। ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान सार्वजनिक नहीं करने का कानूनी प्रावधान भी महत्वपूर्ण होता है।
राहुल गांधी ने भी जताई प्रतिक्रिया
जमुई की घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वायरल वीडियो को लेकर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि दसवीं कक्षा के छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरन रोका गया और उनके साथ प्रताड़ना तथा अपमानजनक व्यवहार किया गया। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में छात्रा द्वारा कथित तौर पर हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाने का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसी को इस तरह की बदसलूकी करने का अधिकार किसने दिया। उनकी प्रतिक्रिया के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा में और ज्यादा प्रमुख हो गया है। कांग्रेस अब इस घटना को लेकर राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन करने जा रही है।
सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, सरकार पर बढ़ेगा राजनीतिक दबाव
जमुई की घटना अब केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं रह गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जोड़ते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। जिला और प्रखंड स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों के जरिए कांग्रेस इस मुद्दे को राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की तैयारी में है। पटना में कारगिल चौक पर शाम चार बजे होने वाला प्रदर्शन भी इसी अभियान का हिस्सा है।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले में कार्रवाई जारी है। तीन आरोपियों को पकड़े जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे और प्रत्येक की भूमिका क्या थी। जमुई की इस घटना ने बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। कांग्रेस जहां राज्यभर में प्रदर्शन के जरिए सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है, वहीं पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।