BNT Desk: बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश हो रही है। लगातार बारिश और तेज हवाओं ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की परेशानी भी बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल कई जगह गिर गई है, जिससे किसानों को नुकसान की चिंता सता रही है। वहीं, बारिश के कारण बाजारों में भी चहल-पहल कम हो गई है। फेस्टिव सीजन के दौरान मौसम बिगड़ने से कारोबार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को बिहार के 33 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 27 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
सीतामढ़ी-मधुबनी में रेड अलर्ट, कई जिलों में तेज बारिश की आशंका
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भारी बारिश और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 27 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
समस्तीपुर, बेतिया, गोपालगंज, बेगूसराय, नालंदा और बक्सर समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। कई जगह आसमान में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को दिन के समय भी ठंड का एहसास हो रहा है।
पटना में 7 डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
राजधानी पटना में भी चक्रवात के असर से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बारिश और बादलों के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब सात डिग्री नीचे गिरकर 24.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
अधिकतम तापमान में अचानक आई गिरावट से दिन के समय भी मौसम ठंडा महसूस हो रहा है। बारिश के साथ चल रही हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। आमतौर पर इस समय बिहार में धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगती है, लेकिन लगातार बारिश ने मौसम के बदलाव को और तेज कर दिया है।
पटना में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से सड़क पर निकलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में इस बदलाव का असर बाजारों और रोजमर्रा के कामकाज पर भी दिखाई दे रहा है।
बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी, धान की फसल गिरी
इस बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ने की आशंका है। खेतों में धान की फसल तैयार खड़ी है। कई इलाकों में बारिश और तेज हवा के कारण धान के पौधे खेतों में गिर गए हैं। फसल गिरने से दाने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और कटाई में भी परेशानी आ सकती है।
धान की खेती करने वाले किसानों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है। कई जगह फसल पकने की स्थिति में है और किसान कटाई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे समय में लगातार बारिश होने से खेतों में पानी जमा हो सकता है। इससे फसल को नुकसान पहुंचने और कटाई में देरी होने की आशंका है।
किसानों को डर है कि यदि बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहा तो खेतों में खड़ी फसल का नुकसान और बढ़ सकता है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, उन्हें भी खेतों या खुले स्थानों पर रखी फसल को बारिश से बचाने की चिंता है।
गन्ना, आलू और सब्जियों की खेती पर भी असर की आशंका
बेमौसम बारिश का असर केवल धान की फसल तक सीमित नहीं रह सकता। गन्ना, आलू और सब्जियों की खेती भी प्रभावित होने की आशंका है। तेज हवाओं के कारण गन्ने की फसल गिर सकती है, जबकि खेतों में ज्यादा पानी जमा होने से आलू और दूसरी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौती बन सकता है। लगातार बारिश से खेतों में जलजमाव होने पर पौधों की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, तेज हवा और आकाशीय बिजली का खतरा खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों के लिए भी परेशानी पैदा कर सकता है। हालांकि, फसलों को वास्तविक नुकसान कितना हुआ है, इसका आकलन बारिश का दौर थमने और खेतों का निरीक्षण होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
फेस्टिव सीजन में बाजारों की रौनक भी फीकी
बारिश का असर आम लोगों के साथ-साथ कारोबार पर भी पड़ रहा है। फेस्टिव सीजन में बाजारों में आमतौर पर खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना कम हुआ है। इसका असर दुकानों और बाजारों की चहल-पहल पर दिखाई दे रहा है। कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मिठाई और अन्य सामान की दुकानों पर त्योहार के दौरान ग्राहकों की आवाजाही महत्वपूर्ण होती है। खराब मौसम के कारण खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि, कारोबार पर कितना असर पड़ा है, इसका आकलन अलग-अलग बाजारों की स्थिति के आधार पर ही किया जा सकेगा।
31 अक्टूबर तक बारिश और तेज हवाओं का असर रहने की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक बिहार के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की उम्मीद जताई गई है। मौसम साफ होने के बाद भी अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ने की संभावना है। लोगों को बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की जरूरत है।
खराब मौसम में लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। तेज हवा के दौरान कमजोर मकानों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। किसानों को भी मौसम की स्थिति देखकर खेतों में काम करने की सलाह दी गई है। कटी हुई फसल को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखने की कोशिश करनी चाहिए। खेतों में जलजमाव होने पर पानी की निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। फिलहाल बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और तापमान में होने वाले बदलाव पर लोगों के साथ-साथ किसानों की भी नजर बनी रहेगी।