बिहार के सरकारी स्कूलों में 7 से 17 नवंबर तक छुट्टी, दिवाली से छठ तक बंद रहेंगे विद्यालय

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BNT Desk: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए नवंबर महीने में लंबी छुट्टी रहने वाली है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी वर्ष 2026 के अवकाश कैलेंडर के अनुसार, राज्य के सरकारी स्कूलों में 7 नवंबर से 17 नवंबर तक त्योहारों के कारण छुट्टियां निर्धारित की गई हैं। इस अवधि में दिवाली, चित्रगुप्त पूजा, भैया दूज और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहार शामिल हैं। कैलेंडर में इस अवधि के लिए कुल 10 अवकाश दिवस निर्धारित हैं। रविवार की छुट्टियों को मिलाकर विद्यार्थियों को लगातार 11 दिन स्कूल नहीं जाना पड़ेगा।

 

नवंबर में लगातार 11 दिन स्कूल बंद रहने की चर्चा

नवंबर का महीना बिहार में त्योहारों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। दिवाली से लेकर छठ महापर्व तक राज्य के कई हिस्सों में उत्सव का माहौल रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग के वार्षिक अवकाश कैलेंडर में नवंबर महीने में लंबी छुट्टी का प्रावधान किया गया है।

निर्धारित कैलेंडर के मुताबिक, 7 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक सरकारी स्कूलों में त्योहारों से संबंधित अवकाश रहेंगे। इस दौरान रविवार भी पड़ने के कारण स्कूलों में लगातार छुट्टी का सिलसिला बनेगा। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहारों के दौरान परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, विद्यार्थियों और अभिभावकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अवकाश कैलेंडर में त्योहारों के लिए कुल 10 छुट्टियां दर्ज हैं। 7 से 17 नवंबर तक की तारीखों के बीच रविवार शामिल होने के कारण छुट्टी की अवधि लगातार 11 दिन की बनती है।

 

दिवाली, चित्रगुप्त पूजा और भैया दूज की छुट्टी

बिहार में दिवाली बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस त्योहार के अवसर पर लोग घरों की सफाई करते हैं, दीप जलाते हैं और परिवार के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। इसके बाद चित्रगुप्त पूजा और भैया दूज जैसे पर्व भी मनाए जाते हैं।

शिक्षा विभाग के 2026 के अवकाश कैलेंडर में दिवाली, चित्रगुप्त पूजा, भैया दूज और छठ पूजा को मिलाकर 7 नवंबर से 17 नवंबर तक की अवधि में छुट्टियां निर्धारित की गई हैं। इस वजह से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को त्योहारों के दौरान लंबा अवकाश मिलेगा।

यह छुट्टी विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। त्योहारों के समय कई परिवारों में पूजा-पाठ, पारिवारिक कार्यक्रम और यात्रा की तैयारी होती है। लंबा अवकाश होने से इन गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है।

 

छठ पूजा के लिए भी रहेगा अवकाश

बिहार में छठ पूजा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह पर्व चार दिनों तक अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है। इसमें नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य प्रमुख चरण हैं। इस दौरान श्रद्धालु सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करते हैं।

छठ के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं और परिवार के साथ पर्व मनाते हैं। कई परिवारों में घाटों की सफाई, पूजा की तैयारी और अन्य व्यवस्थाओं में समय लगता है। ऐसे में स्कूलों में छुट्टी रहने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को त्योहार की तैयारियों के लिए सुविधा मिल सकती है।

वर्ष 2026 के कैलेंडर में छठ पूजा से संबंधित अवकाश भी 7 से 17 नवंबर के निर्धारित त्योहारों वाले अवकाश में शामिल है। छुट्टी की अवधि के दौरान छठ महापर्व मनाया जाएगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विद्यालय से अवकाश की अंतिम सूची की पुष्टि कर लें।

 

24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर भी छुट्टी

नवंबर महीने में त्योहारों से जुड़ी छुट्टियां केवल 7 से 17 नवंबर तक ही सीमित नहीं हैं। शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार, 24 नवंबर 2026 को गुरु नानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भी अवकाश निर्धारित किया गया है।

इस तरह नवंबर महीने में विद्यार्थियों को दिवाली और छठ पूजा के दौरान लंबी छुट्टी के अलावा महीने के अंतिम हिस्से में एक और अवकाश मिलेगा। हालांकि, 24 नवंबर की छुट्टी 7 से 17 नवंबर की लगातार छुट्टियों से अलग है।

अभिभावक और विद्यार्थी इस तारीख को भी अपने कैलेंडर में दर्ज कर सकते हैं। यदि स्कूल की ओर से किसी स्थानीय कारण या प्रशासनिक निर्देश के आधार पर अलग सूचना जारी की जाती है, तो उस सूचना का पालन करना जरूरी होगा।

 

किन स्कूलों पर लागू होगा अवकाश कैलेंडर?

शिक्षा विभाग की ओर से जारी वर्ष 2026 की अवकाश तालिका राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, परियोजना और उत्क्रमित प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए तैयार की गई है। इसमें संस्कृत, उर्दू और मदरसा विद्यालय भी शामिल हैं।

इसलिए सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए कैलेंडर की जानकारी रखना जरूरी है। निजी स्कूलों की छुट्टियां उनके अपने शैक्षणिक कैलेंडर और संबंधित बोर्ड के निर्देशों के अनुसार अलग हो सकती हैं। ऐसे में निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अपने स्कूल से छुट्टियों की पुष्टि करनी चाहिए।

शिक्षा विभाग की वार्षिक सूची के अनुसार ही विद्यालयों को अवकाश की योजना बनानी होती है। फिर भी किसी विशेष परिस्थिति में यदि जिला या विभाग की ओर से नया आदेश जारी किया जाता है, तो विद्यालयों को नवीनतम निर्देशों के अनुसार काम करना होगा।

छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने की तारीख का रखें ध्यान

लंबी छुट्टी के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई की योजना भी पहले से बना लेनी चाहिए। त्योहारों के दौरान आराम और परिवार के साथ समय बिताने के साथ-साथ जरूरी होमवर्क पूरा करना भी उपयोगी रहेगा। स्कूल खुलने के बाद पढ़ाई में परेशानी न हो, इसके लिए विद्यार्थियों को अपनी किताबों और असाइनमेंट पर भी ध्यान देना चाहिए। अभिभावकों को सलाह है कि वे छुट्टियों से पहले बच्चों की कॉपियों, गृहकार्य और आगामी परीक्षाओं से संबंधित जानकारी जांच लें। शिक्षकों की ओर से यदि छुट्टी के दौरान कोई असाइनमेंट दिया जाता है, तो उसे निर्धारित समय पर पूरा करना चाहिए।

 

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