पटना: 2 दिनों में 2,622 वाहनों का चालान, 33.62 लाख रुपये का जुर्माना; बिना हेलमेट चलने वाले सबसे ज्यादा

BNT
By
9 Min Read

BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती तेज कर दी है। शहर में लगे कैमरों से मिले वीडियो फुटेज, तस्वीरों और ANPR कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान की जा रही है। इसके बाद संबंधित वाहनों के खिलाफ ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। पटना ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 25 और 26 अक्टूबर 2026 को कुल 2,622 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन पर कुल 33 लाख 62 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक मामले बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के सामने आए।

 

दो दिनों में 2,622 वाहनों पर कार्रवाई

पटना ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 25 अक्टूबर को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,369 वाहनों का चालान काटा गया। इस दिन कुल 17 लाख 49 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, 26 अक्टूबर को 1,253 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 16 लाख 13 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया।

दोनों दिनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो कुल 2,622 वाहनों पर कार्रवाई हुई और 33,62,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि शहर में यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस की निगरानी जारी है।

यह कार्रवाई केवल सड़क पर पुलिसकर्मियों की ओर से वाहनों को रोककर जांच करने तक सीमित नहीं है। कैमरों से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो के जरिए भी नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को चिह्नित किया जा रहा है। इससे यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान करने और संबंधित वाहन के खिलाफ चालान जारी करने में मदद मिलती है।

 

बिना हेलमेट चलाने वालों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई

पटना में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में बिना हेलमेट वाहन चलाना सबसे बड़ी श्रेणी रही। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 25 अक्टूबर को 906 वाहन चालकों पर हेलमेट नहीं पहनने के कारण कार्रवाई की गई। वहीं, 26 अक्टूबर को ऐसे 794 मामले दर्ज किए गए। इस तरह दो दिनों में कुल 1,700 वाहन चालकों का बिना हेलमेट चलाने के मामले में चालान काटा गया। यह दोनों दिनों में दर्ज कुल 2,622 चालानों का बड़ा हिस्सा है।

दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट सिर में गंभीर चोट लगने के जोखिम को कम करने में मदद करता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहन चालकों का बिना हेलमेट पकड़ा जाना चिंता का विषय है। ट्रैफिक पुलिस की कैमरा आधारित निगरानी में ऐसे मामलों की पहचान होने से वाहन चालकों पर नियमों का पालन करने का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चालान के साथ-साथ लोगों में यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

 

बिना इंश्योरेंस वाहन चलाने के 503 मामले

दो दिनों की कार्रवाई में बिना वैध इंश्योरेंस वाहन चलाने के 503 मामले भी सामने आए। यह आंकड़ा बताता है कि वाहन चालकों के बीच बीमा से जुड़े नियमों के पालन पर भी ध्यान देने की जरूरत है। वाहन का वैध बीमा रखना कानूनी जिम्मेदारी है। सड़क पर वाहन चलाने से पहले उसके जरूरी दस्तावेजों की वैधता जांचना वाहन मालिक और चालक दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। बिना वैध इंश्योरेंस वाहन चलाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस ने रेड लाइट जंप करने के 146 मामलों में चालान काटे। ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन करने से चौराहों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है, खासकर तब जब दूसरी दिशा से वाहन आ रहे हों। इसलिए लाल बत्ती होने पर रुकना और सिग्नल का पालन करना जरूरी है।

 

ट्रिपल राइडिंग और ओवरस्पीडिंग पर भी कार्रवाई

पटना ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई में ट्रिपल राइडिंग के 85 मामले सामने आए। दोपहिया वाहन पर निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के बैठने से वाहन का संतुलन प्रभावित हो सकता है और दुर्घटना के समय जोखिम बढ़ सकता है। इसी तरह, निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने के 113 मामलों में कार्रवाई की गई। तेज गति में वाहन चलाने पर चालक के लिए अचानक सामने आने वाली स्थिति में वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। इससे वाहन चालक के साथ सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। ट्रैफिक नियमों का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। निर्धारित गति सीमा का पालन करना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और यातायात संकेतों का ध्यान रखना दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद करता है।

ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने पर भी चालान

पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों में वाहन चलाते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के मामले भी शामिल हैं। 25 अक्टूबर को ऐसे दो मामलों में कार्रवाई की गई, जबकि 26 अक्टूबर को तीन मामले दर्ज किए गए। इस तरह दो दिनों में ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने के कुल पांच मामले सामने आए। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना या स्क्रीन देखने से चालक का ध्यान सड़क से हट सकता है। कुछ सेकंड की लापरवाही भी दुर्घटना की वजह बन सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। जरूरी कॉल करने के लिए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकना बेहतर विकल्प है। इसके अतिरिक्त, सीट बेल्ट नहीं लगाने, गलत दिशा में वाहन चलाने और नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने जैसे उल्लंघनों पर भी कार्रवाई की गई। इन श्रेणियों के सभी मामलों की अलग-अलग संख्या उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं की गई है।

 

ANPR कैमरों से हो रही नियम तोड़ने वालों की पहचान

पटना में यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी के लिए वीडियो फुटेज, तस्वीरों और ANPR कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट पढ़कर उनकी पहचान करने में सहायता मिलती है। कैमरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर नियम तोड़ने वाले वाहनों को चिह्नित किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चालान जारी किया जाता है। इस व्यवस्था से प्रमुख सड़कों और चौराहों पर यातायात नियमों की निगरानी करने में मदद मिलती है। कैमरा आधारित निगरानी का एक उद्देश्य यह भी है कि वाहन चालक केवल पुलिसकर्मी की मौजूदगी में ही नहीं, बल्कि हर समय नियमों का पालन करें। हालांकि, वाहन चालकों को जारी चालान की जानकारी और भुगतान की प्रक्रिया के लिए आधिकारिक ई-चालान माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहिए।

ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील

दो दिनों में 2,622 वाहनों पर कार्रवाई और 33.62 लाख रुपये के जुर्माने के आंकड़े के बीच वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे अपनी सुरक्षा और कानूनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, कार में सीट बेल्ट लगाएं, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें और निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाएं। वाहन के जरूरी दस्तावेज, खासकर वैध इंश्योरेंस, भी अपडेट रखें। गलत दिशा में वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग और नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने से बचें। ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। पटना में कैमरों की मदद से की जा रही कार्रवाई से साफ है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखी जा रही है। वाहन चालकों के लिए सबसे बेहतर तरीका यही है कि वे चालान से बचने के साथ-साथ अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी नियमों का पालन करें।

Share This Article