BNT Desk: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का शुक्रवार को पांचवां और आखिरी दिन है। सुबह जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, सदन का माहौल गर्म हो गया। विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित फायरिंग का मुद्दा उठाया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और सदन में जोरदार हंगामा होने लगा। शोर-शराबे के कारण विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
छात्रों पर फायरिंग का मुद्दा उठते ही बढ़ा विवाद
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक राजू तिवारी ने छात्र प्रदर्शन की घटना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस घटना की निंदा करते हुए सदन में निंदा प्रस्ताव लाया जाना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा, इसलिए सदन की कार्यवाही शांति से चलने दें। इसके बाद राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा कि छात्रों पर गोली चलाई गई है। उनके इस बयान का भाजपा विधायकों ने कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए और माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
सत्ता पक्ष ने हिंसा की निंदा की
भाजपा और अन्य सत्तापक्ष के विधायकों ने कहा कि जो लोग पुलिस और जनप्रतिनिधियों पर जानलेवा हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की निंदा की और कहा कि इस मामले में हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी इस घटना पर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की।
वेल में पहुंचे विधायक, कार्यवाही रोकनी पड़ी
बहस के दौरान दोनों पक्षों के विधायक अपनी-अपनी सीट छोड़कर विधानसभा के वेल में पहुंच गए। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही ठीक से नहीं चल सकी। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने बैठक को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
विधानसभा परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई
छात्र संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी तैनात किए गए हैं। विधानसभा के आसपास पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा कारणों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई विधायक अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे हटाकर विधानसभा पहुंचे। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क रखी गई है।
तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी की गैरहाजिरी पर सरकार का तंज
पूरे मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विधानसभा नहीं पहुंचे। वहीं विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी भी अब तक किसी दिन सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुईं। इसी मुद्दे पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता अगली बार तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष बनने का मौका भी नहीं देगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
आज सदन में किन मुद्दों पर होगी चर्चा
हंगामे के बीच विधानसभा का कामकाज भी तय कार्यक्रम के अनुसार होना है। प्रश्नकाल के बाद पथ निर्माण विभाग के मंत्री बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 भर्ती संशोधन नियमावली, 2026 और बिहार तकनीकी सेवा संशोधन नियमावली, 2026 की प्रतियां सदन के पटल पर रखेंगे। इसके अलावा गैर-सरकारी संकल्पों पर भी चर्चा होगी। मानसून सत्र का आखिरी दिन होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति समापन भाषण भी देंगे।
विधान परिषद में उठेंगे कई जनहित के मुद्दे
विधान परिषद की कार्यवाही में भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष सरकार से कई जनहित के मुद्दों पर जवाब मांगेगा। इनमें भोजपुर के वीर कुंवर सिंह स्मारक और म्यूजियम की खराब स्थिति का मामला प्रमुख रहेगा। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में कार्यरत विशिष्ट और नियोजित शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए सम्मानजनक पेंशन देने की मांग भी उठेगी। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना लागू करने का मुद्दा और वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम अनुपूरक व्यय-विवरणी पर सामान्य चर्चा भी विधान परिषद के एजेंडे में शामिल है।
अंतिम दिन भी हंगामे के आसार
मानसून सत्र के अंतिम दिन भी सदन में राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। छात्र प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और विपक्ष की गैरहाजिरी जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि हंगामे के बीच सदन की बाकी कार्यवाही कितनी सुचारू रूप से पूरी हो पाती है।