भागलपुर: तेज रफ्तार हाइवा तीन घरों पर पलटा, दो बच्चों समेत तीन की मौत, कई घायल

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BNT Desk: बिहार के भागलपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तेज रफ्तार से जा रहा बालू लदा हाइवा अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने तीन कच्चे घरों पर पलट गया। हादसे में दो मासूम बच्चों और एक महिला की मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

 

टायर फटने से अनियंत्रित हुआ हाइवा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब आठ बजे बालू लदा हाइवा खगड़िया की ओर से नवगछिया की तरफ जा रहा था। वाहन तेज रफ्तार में था। इसी दौरान अचानक उसका टायर फट गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित हाइवा सड़क किनारे बने तीन कच्चे घरों पर पलट गया। वाहन और बालू के नीचे कई लोग दब गए।

 

दो मासूम और एक महिला की मौत

हादसे में गुड्डू डोम की चार वर्षीय बेटी राधा कुमारी, तीन वर्षीय अंकुश कुमार और भिखारी डोम की 50 वर्षीय पत्नी इंदु देवी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा इतना भीषण था कि राधा कुमारी का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। वहीं अंकुश कुमार बालू के ढेर में दब गया था। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

 

जेसीबी से निकाला गया महिला का शव

इंदु देवी हाइवा के नीचे दब गई थीं। उन्हें निकालने के लिए प्रशासन को जेसीबी मशीन की मदद लेनी पड़ी। काफी देर तक चले राहत अभियान के बाद उनका शव बाहर निकाला गया। हादसे में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

परिजनों ने लगाया देरी से पहुंचने का आरोप

मृतका इंदु देवी के पति भिखारी डोम ने बताया कि परिवार सुबह खाना बनाकर मजदूरी पर जाने की तैयारी कर रहा था। तभी तेज धमाके की आवाज आई और देखते ही देखते हाइवा घर पर पलट गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। उनका यह भी कहना है कि शुरुआती समय में एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण स्थानीय लोगों ने ही राहत और बचाव कार्य संभाला।

 

घायल महिला ने सुनाई आपबीती

घायल ममता ने बताया कि वह घर के अंदर काम कर रही थीं, तभी अचानक हाइवा पलट गया और वह बालू के नीचे दब गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि हादसे के समय कई लोग मलबे और बालू के नीचे फंसे हुए थे। जिन दो बच्चों की मौत हुई, वे कुछ देर पहले तक उनके साथ खेल रहे थे।

 

45 मिनट तक जाम रहा एनएच-31

घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को करीब 45 मिनट तक जाम कर दिया। लोगों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

 

पुलिस कर रही है जांच

घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। ट्रैफिक डीएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में टायर फटने के कारण हाइवा के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि सिंगल लेन सड़क और तेज रफ्तार भी ऐसे हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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