BNT Desk: बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह ने सात साल पुराने हर्ष फायरिंग मामले में सजा सुनाए जाने से पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में भावुक अपील की। दोषी ठहराए जा चुके विधायक ने अदालत से कहा कि घटना जानबूझकर नहीं हुई थी और उनके सामाजिक आचरण को देखते हुए उन्हें कम से कम सजा दी जाए। अब इस बहुचर्चित मामले में अदालत शनिवार को सजा पर अपना फैसला सुनाएगी।
‘वो मेरे परिवार की सदस्य जैसी थीं’
सुनवाई के दौरान राजू कुमार सिंह ने अदालत से कहा कि जिस महिला की मौत हुई, डॉ. अर्चना गुप्ता, वह उनके बड़े भाई के मित्र की पत्नी थीं और परिवार उन्हें भाभी की तरह मानता था। उन्होंने कहा कि इस घटना में सिर्फ पीड़ित परिवार ही नहीं, बल्कि उनके परिवार ने भी एक करीबी सदस्य को खोया है। विधायक ने यह भी बताया कि घटना के समय उनका परिवार भी समारोह में मौजूद था।
‘गलती हुई, लेकिन कोई आपराधिक इरादा नहीं था’
राजू कुमार सिंह ने अदालत के सामने कहा कि उन्होंने कभी किसी को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि उनका कोई आपराधिक इरादा नहीं था और उन्होंने हमेशा समाज के हित में काम किया है। विधायक ने अपने अब तक के सार्वजनिक जीवन और अच्छे आचरण का हवाला देते हुए अदालत से सजा में नरमी बरतने की अपील की।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सात साल पहले दिल्ली में आयोजित एक समारोह का है। आरोप है कि समारोह के दौरान कथित हर्ष फायरिंग में चली गोली डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। लंबी सुनवाई के बाद 6 जून को राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी करार दिया था।
आज होगा सजा का एलान
दोषसिद्धि के बाद अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब शनिवार को यह तय होगा कि विधायक को कितनी सजा सुनाई जाएगी। इस फैसले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
राजनीतिक भविष्य पर भी पड़ सकता है असर
कानूनी जानकारों का मानना है कि अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा का असर राजू कुमार सिंह के राजनीतिक भविष्य पर भी पड़ सकता है। साथ ही यह फैसला हर्ष फायरिंग जैसे मामलों में न्यायपालिका के रुख को भी स्पष्ट करेगा।