ट्रम्प का बड़ा ऐलान: नए ग्लोबल टैरिफ के बावजूद सुरक्षित है भारत-यूएस ट्रेड डील, अप्रैल से शुरू होगा नया व्यापार युग

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट और ट्रम्प के नए टैरिफ ऐलान के बावजूद भारत-यूएस ट्रेड डील सुरक्षित है। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि समझौता प्रभावित नहीं होगा। नए नियमों के तहत भारत पर प्रभावी टैरिफ 18% से घटकर 10% रह सकता है। यह डील मार्च में साइन होगी और अप्रैल से लागू हो जाएगी।

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BNT Desk: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द करने का फैसला दिया, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया भर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। इस फैसले के बाद सवाल उठने लगे कि क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर इसका असर पड़ेगा। हालांकि ट्रम्प ने साफ कहा कि भारत के साथ होने वाले समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। डील पहले की तरह आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह नहीं बताया कि नया 10% टैरिफ भारत के लिए तय 18% टैरिफ में जोड़ा जाएगा या उसी में समायोजित किया जाएगा।

भारत पर कुल टैरिफ 10% रहने की संभावना

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि भारत, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों पर अब धारा 122 के तहत 10% ग्लोबल टैरिफ लागू होगा। यानी पहले तय 18% टैरिफ की जगह भारत पर कुल 10% टैरिफ ही रहेगा। इससे भारत को राहत मिल सकती है।

फरवरी के अंत तक फाइनल होगी डील

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे और अप्रैल से यह पूरी तरह लागू हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले महीनों में भारत ब्रिटेन और ओमान जैसे देशों के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देगा।

23 फरवरी से अहम बैठक

23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिन की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स को 25% से घटाकर 18% करने का आधिकारिक आदेश जल्द जारी होगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा।

7 फरवरी को हुआ था ऐलान

7 फरवरी को पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस ट्रेड डील की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में टैरिफ छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने साफ किया कि जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में अनुमति नहीं दी जाएगी।

अमेरिका से बड़े पैमाने पर खरीदारी

भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। साथ ही भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% किया गया है। रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।

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