BNT Desk: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद की NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा दिया है। छात्रा के परिजनों ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई कानून व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है।
न्याय की लड़ाई दबाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि सरकार उनकी बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि घटना के एक महीने बाद भी निष्पक्ष जांच नहीं हुई और न ही सच्चाई सामने आई। कई बार मांग करने के बावजूद मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
आंदोलन में साथ खड़े थे पप्पू यादव
परिजनों के अनुसार, पप्पू यादव शुरू से उनके साथ खड़े रहे और न्यायिक जांच की मांग को मजबूती से उठाते रहे। 8 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था, जिसकी अगुवाई पप्पू यादव कर रहे थे। परिजनों के दिल्ली आने-जाने के लिए रेल टिकट भी उनके द्वारा बुक कराए गए थे।
गिरफ्तारी पर उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि धरना से पहले ही 31 साल पुराने केस में पप्पू यादव की गिरफ्तारी कर ली गई। उनका आरोप है कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने के लिए नेतृत्व करने वालों को निशाना बना रही है और सच सामने आने से डर रही है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
परिजनों ने साफ कहा कि वे गिरफ्तारी से डरने वाले नहीं हैं। उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे सड़क से लेकर संसद तक न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे। गिरफ्तारी की खबर के बाद छात्रा के गांव पतियावां में भी शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।