BNT Desk: बिहार में बढ़ती अपराध और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर आज सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष के नेता वीरेंद्र ने सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला है और सरकार मूक दर्शक बनी हुई है।
नीट छात्रा के साथ हुई घटना पर जताई चिंता
वीरेंद्र ने हाल ही में एक नीट छात्रा के साथ हुई दरिंदगी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना बिहार की कानून व्यवस्था की पोल खोलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है क्योंकि इसमें एनडीए के लोग शामिल हैं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज बिहार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। वीरेंद्र ने साफ तौर पर कहा कि बिहार में कानून का राज नहीं है और हर व्यक्ति खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अपराधों पर लगाम लगाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
अभिभाषण में कही गई बातें सच्चाई से परे
राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए वीरेंद्र ने कहा कि जो बातें अभिभाषण में कही गई हैं, वे धरातल पर कहीं नजर नहीं आतीं। उन्होंने सात निश्चय योजना और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों को झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी पीठ खुद ही थपथपा रही है, जबकि जनता अपराध और भ्रष्टाचार से त्रस्त है।
लाउडस्पीकर और यूसीसी पर दी प्रतिक्रिया
एआईएमआईएम नेता अख्तरुल इमान द्वारा लाउडस्पीकर पर दिए गए बयान को वीरेंद्र ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपने धर्म को मानने की आजादी है और मंदिरों और मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पहले से ही होता आ रहा है। वहीं, यूसीसी (समान नागरिक संहिता) को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक बेहतर कानून है और जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे सामाजिक न्याय के विरोधी हैं।