पटना: PMCH के बाहर एम्बुलेंस में 1 घंटा तड़पता रहा घायल किशोर, इलाज के दौरान मौत

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (PMCH) से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 16 साल के किशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई।

इस घटना के बाद मृतक के परिवार वालों ने अस्पताल के डॉक्टरों और प्रशासन पर लापरवाही का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का साफ कहना है कि अगर अस्पताल प्रशासन ने समय रहते अमन को भर्ती कर लिया होता और उसे तुरंत इलाज मिल जाता, तो आज उनका बच्चा जिंदा होता।

1 घंटे तक एम्बुलेंस में ही दर्द से चिल्लाता रहा अमन

मृतक बच्चे की पहचान पटना के आनंदपुरी इलाके के रहने वाले अमन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, अमन एक सड़क हादसे का शिकार हो गया था, जिसमें उसका बायां पैर बुरी तरह टूट चुका था और उसके सिर में भी गंभीर चोटें आई थीं। खून से लथपथ अमन को उसके घरवाले आनन-फानन में एक प्राइवेट एम्बुलेंस के जरिए PMCH लेकर पहुंचे ताकि उसकी जान बचाई जा सके।

परिजनों का आरोप है कि इतनी गंभीर हालत होने के बावजूद PMCH के इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ ने अमन को तुरंत अस्पताल के अंदर नहीं लिया। लगभग एक घंटे तक वह एम्बुलेंस के अंदर ही असहनीय दर्द से चिल्लाता रहा। परिवार के लोग डॉक्टरों और नर्सों के सामने हाथ जोड़कर मदद की भीख मांगते रहे, लेकिन किसी ने तत्परता नहीं दिखाई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तड़पते हुए बच्चे का वीडियो

इस पूरी घटना से जुड़ा एक बेहद दुखद वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि घायल अमन एम्बुलेंस के अंदर पड़ा हुआ है और दर्द के मारे बुरी तरह कराह रहा है।

एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने भी बताया कि जब वे अमन को लेकर अस्पताल पहुंचे थे, तब तक अमन पूरी तरह होश में था। वह दर्द से रो रहा था और लगातार बातचीत भी कर रहा था। लोगों का कहना है कि वीडियो इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि अस्पताल के दरवाजे पर पहुंचने के बाद भी मरीज को समय पर अटेंड नहीं किया गया।

4 घंटे तक चला इलाज, फिर तोड़ दिया दम

काफी हंगामे और मिन्नतों के बाद आखिरकार अमन को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर पर डालकर भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज शुरू तो किया, लेकिन तब तक उसका काफी खून बह चुका था और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

अस्पताल में भर्ती होने के करीब चार घंटे बाद, इलाज के दौरान अमन ने दम तोड़ दिया। जैसे ही डॉक्टरों ने अमन की मौत की खबर दी, अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।

अस्पताल के सुप्रीटेंडेंट ने दी सफाई, बैठाई गई जांच

मामला बढ़ता देख और वीडियो वायरल होने के बाद PMCH के अधीक्षक (Superintendent) डॉ. राजीव कुमार सिंह ने इस मामले पर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जैसे ही मरीज को अंदर लाया गया, डॉक्टरों की टीम ने करीब चार घंटे तक उसे बचाने की हर संभव कोशिश की। सिर और शरीर में गंभीर आंतरिक चोटें होने की वजह से उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नियमों के मुताबिक किसी भी गंभीर मरीज को बिना कागजी कार्रवाई के तुरंत भर्ती करने के सख्त निर्देश हैं। हालांकि, इस घटना के बाद अस्पताल ने एक आंतरिक जांच कमेटी बना दी है। अब यह जांच की जा रही है कि क्या सच में अमन को एम्बुलेंस में एक घंटे तक इंतजार कराया गया था, और यदि लापरवाही साबित होती है तो दोषी कर्मचारियों पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा।

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