BNT Desk: नीट की तैयारी कर रही मेडिकल छात्रा की मौत के मामले में फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की जांच में अहम खुलासा हुआ है। चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 14/26 के तहत मृतका के परिजनों ने 10 जनवरी को छात्रा के कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे। पुलिस ने इन कपड़ों को जब्त कर एफएसएल जांच के लिए भेजा था। एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार, मृतका द्वारा पहने गए अंडरगारमेंट से पुरुष स्पर्म पाया गया है। यह जांच मामले को गंभीर अपराध की ओर इशारा करती है। फिलहाल स्पर्म का डीएनए प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है।
डीएनए मिलान से खुलेगा सच
जांच एजेंसी के अनुसार, डीएनए प्रोफाइल को अब गिरफ्तार अभियुक्त के साथ-साथ SIT द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के डीएनए से मिलान किया जाएगा। इस प्रक्रिया से यह साफ हो सकेगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठे सवाल
इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि PMCH की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार छात्रा की मौत दवा खाने से हुई है। हालांकि, एफएसएल जांच में सामने आए नए तथ्यों के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब पूरे मामले की दोबारा गहन समीक्षा की जा रही है।
लापरवाही पर कार्रवाई, दो अधिकारी सस्पेंड
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चित्रगुप्त नगर थाने की थानाप्रभारी रोशनी कुमारी और कदम कुआं थाने के दरोगा हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि घटना के पहले दिन से ही चित्रगुप्त नगर SHO को पूरी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज किया। तीन दिन बाद कार्रवाई शुरू की गई और वरीय अधिकारियों को भी समय पर सूचना नहीं दी गई, जिससे जांच में गंभीर बाधा आई।
SIT के जिम्मे जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब SIT पूरी जांच की निगरानी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी।