BNT Desk: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के अध्यक्ष और 2011 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय में निदेशक नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उनकी नियुक्ति सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत की गई है। बिहार सरकार ने भी उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की मंजूरी दे दी है। राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही त्यागराजन एसएम के बिहार में मौजूदा दायित्वों से मुक्त होकर केंद्र में नई जिम्मेदारी संभालने का रास्ता साफ हो गया है।
सहकारिता मंत्रालय में पांच साल के लिए मिली नियुक्ति
IAS अधिकारी त्यागराजन एसएम को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय में निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है। DoPT के आदेश के मुताबिक, उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत यह नियुक्ति केंद्र सरकार के मंत्रालय में उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर देगी।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान राज्य कैडर के अधिकारी केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में काम करते हैं। इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नीतियों और प्रशासनिक कार्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। वहीं, केंद्र सरकार को भी राज्यों में काम करने वाले अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं मिलती हैं।
त्यागराजन एसएम की नियुक्ति के बाद बिहार सरकार ने उन्हें नए पद पर योगदान देने के लिए कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया पूरी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। केंद्र सरकार के आदेश में अधिकारी को निर्धारित समयसीमा के भीतर नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कौन हैं IAS त्यागराजन एसएम?
डॉ. त्यागराजन एसएम भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2011 बैच के अधिकारी हैं और बिहार कैडर से जुड़े हैं। उनका संबंध तमिलनाडु के कोयंबटूर से है। सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की थी। उनके पास MBBS की डिग्री है। चिकित्सा क्षेत्र की पढ़ाई के बाद उन्होंने सरकारी सेवा में करियर बनाने का रास्ता चुना और सिविल सेवा में चयनित हुए।
त्यागराजन का प्रशासनिक सफर इस लिहाज से भी खास है कि उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में भी जगह बनाई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2010 में उनका IPS में चयन हुआ था और उन्होंने ओडिशा में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने UPSC की परीक्षा फिर दी और 2011 बैच में IAS के लिए चयनित हुए। उन्हें बिहार कैडर आवंटित किया गया।
मेडिकल की पढ़ाई से सिविल सेवा तक का सफर
त्यागराजन एसएम की शैक्षणिक पृष्ठभूमि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी रही है। उन्होंने MBBS की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद पुलिस सेवा में प्रवेश किया। IPS में काम करने के अनुभव के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में आने का प्रयास जारी रखा।
वर्ष 2011 में IAS के लिए चयन के बाद उन्हें बिहार में अलग-अलग पदों पर काम करने का अवसर मिला। जिला प्रशासन की जिम्मेदारियों से लेकर राज्य स्तर के विभागों तक उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार हुआ। प्रशासनिक सेवा में जिलाधिकारी का पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें कानून-व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसमस्याओं के समाधान और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी शामिल होती है।
त्यागराजन ने अपने कार्यकाल में बिहार के कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें गया, दरभंगा, नालंदा और पटना जैसे जिले शामिल हैं। इन पदों पर काम करने के दौरान उन्हें शहरी प्रशासन, ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों, धार्मिक आयोजनों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे विभिन्न विषयों से जुड़ने का अवसर मिला।
गया, दरभंगा और पटना में संभाली जिलाधिकारी की जिम्मेदारी
बिहार में अपने प्रशासनिक करियर के दौरान त्यागराजन एसएम ने कई महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम किया। गया, दरभंगा और पटना जैसे जिलों में उनकी तैनाती रही। नालंदा में भी उन्होंने जिला प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली।
पटना बिहार की राजधानी होने के कारण प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। यहां यातायात, शहरी सुविधाओं, सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़े अनेक विषयों पर काम करना पड़ता है। वहीं, गया में धार्मिक पर्यटन और पितृपक्ष मेले का आयोजन जिला प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होता है। दरभंगा और नालंदा में भी प्रशासनिक कार्यों के दौरान स्थानीय जरूरतों और सरकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से जुड़े दायित्व निभाने होते हैं।
जिलाधिकारी के रूप में काम करने का अनुभव अधिकारियों को जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझने और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाने में मदद करता है। त्यागराजन एसएम के करियर में जिला प्रशासन की इन जिम्मेदारियों के बाद राज्य स्तर पर भी अहम पद शामिल रहे हैं।
पितृपक्ष मेले और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहल
गया में जिलाधिकारी रहते हुए त्यागराजन एसएम का नाम पितृपक्ष मेले की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहलों के संदर्भ में सामने आया। पितृपक्ष मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पिंडदान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए गया पहुंचते हैं। ऐसे आयोजन के दौरान साफ-सफाई, यातायात, सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था करना जिला प्रशासन के लिए अहम होता है।
त्यागराजन के कार्यकाल में स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा से जुड़ी कुछ पहलों का भी उल्लेख मिलता है। इनमें वंडर ऐप और श्रवण श्रुति जैसी पहल शामिल हैं। इन पहलों को स्वास्थ्य सेवाओं और लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने से जुड़े प्रयासों के रूप में जाना जाता है।
हालांकि, इन योजनाओं के प्रभाव और उनके वर्तमान संचालन के बारे में अलग-अलग विस्तृत आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इनका मूल्यांकन करते समय संबंधित विभागों के रिकॉर्ड और आधिकारिक जानकारी को आधार बनाना जरूरी है। फिर भी, जिला प्रशासन में काम करने के दौरान स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़े विषयों पर पहल करना अधिकारियों की भूमिका का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
जून 2026 में बने थे BSEB के अध्यक्ष
केंद्र में नई नियुक्ति से पहले त्यागराजन एसएम बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने जून 2026 में BSEB अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके साथ उनके पास स्वास्थ्य विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी रहा था।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति राज्य में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी प्रमुख संस्था है। परीक्षा कैलेंडर, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, मूल्यांकन और परिणाम जारी करने जैसे कार्य बोर्ड की जिम्मेदारियों में शामिल हैं। ऐसे में अध्यक्ष का पद राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
त्यागराजन एसएम की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद बोर्ड में नेतृत्व और आगे की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के निर्णय महत्वपूर्ण होंगे। नए पद पर जाने के लिए उन्हें कार्यमुक्त किए जाने के बाद संबंधित विभागों को बोर्ड के कामकाज की निरंतरता सुनिश्चित करनी होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में BSEB के अगले अध्यक्ष या अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले अधिकारी के नाम की पुष्टि नहीं की गई है।
बिहार से केंद्र तक प्रशासनिक जिम्मेदारी का विस्तार
त्यागराजन एसएम की नियुक्ति उनके प्रशासनिक करियर का नया चरण है। बिहार में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और विद्यालय परीक्षा समिति जैसे क्षेत्रों में काम करने के बाद अब उन्हें केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय में निदेशक की जिम्मेदारी मिली है।
सहकारिता मंत्रालय देश में सहकारी संस्थाओं और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी नीतियों तथा कार्यक्रमों पर काम करता है। इस क्षेत्र में सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली, संस्थागत विकास और सहकारिता से जुड़े सरकारी प्रयास महत्वपूर्ण होते हैं। निदेशक के रूप में अधिकारी की जिम्मेदारियां मंत्रालय के आवंटित कार्यों और विभागीय व्यवस्था के अनुसार तय होती हैं।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों को अपने राज्य में मिले प्रशासनिक अनुभव का उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर करने का अवसर मिलता है। त्यागराजन एसएम के लिए भी यह नियुक्ति बिहार में निभाई गई जिम्मेदारियों के बाद केंद्र सरकार में काम करने का नया अवसर है।
कुल मिलाकर, 2011 बैच के IAS अधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय में निदेशक नियुक्त किया गया है। बिहार सरकार की मंजूरी और कार्यमुक्त करने की अधिसूचना के बाद उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का रास्ता साफ हो गया है। अब उनकी नई जिम्मेदारी केंद्र सरकार के मंत्रालय में होगी, जबकि बिहार में BSEB और अन्य प्रशासनिक दायित्वों की आगे की व्यवस्था राज्य सरकार तय करेगी।