BNT Desk: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 59 किलो गांजा बरामद किया है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी कार से गांजे की खेप जब्त की। इस मामले में कथित मुख्य सरगना नाजिम खान समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को आशंका है कि तस्करी के इस नेटवर्क के तार नेपाल से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर गांजे की खरीद-बिक्री, सप्लाई और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
SP स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर चल रहा अभियान
जानकारी के अनुसार, पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हरसिद्धि थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी कार से 59 किलो गांजा बरामद किया। गांजे की खेप जब्त करने के साथ ही मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद मादक पदार्थ और वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस का ध्यान गांजे की खेप के स्रोत और उसकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने पर है। जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और उसे किन स्थानों पर पहुंचाने की योजना थी।
नाजिम खान को कथित मुख्य सरगना बता रही पुलिस
गिरफ्तार आरोपितों में नाजिम खान का नाम सामने आया है। पुलिस उसे इस तस्करी नेटवर्क का कथित मुख्य सरगना बता रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नाजिम खान झड़वा का रहने वाला है।
आरोप है कि वह नेपाल से गांजा मंगाकर उसका कारोबार करता था। हालांकि, नेपाल से गांजा मंगाने और तस्करी नेटवर्क में उसकी भूमिका से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजे की खरीद-बिक्री में उनकी क्या भूमिका थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद खेप किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी या नहीं।
नेपाल कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस को आशंका है कि गांजा तस्करी के इस मामले के तार नेपाल से जुड़े हो सकते हैं। इसी आधार पर जांच की जा रही है कि मादक पदार्थ किस रास्ते से बिहार पहुंचा और इसके परिवहन में किन लोगों की भूमिका रही।
जांच के दौरान पुलिस सप्लाई चेन की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसमें गांजे के स्रोत, उसे लाने वाले लोगों, परिवहन के साधनों और संभावित खरीदारों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।
हालांकि, फिलहाल नेपाल से तस्करी का संबंध होने की आशंका सामने आई है। इसे स्थापित तथ्य मानने से पहले पुलिस को संबंधित साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर इसकी पुष्टि करनी होगी।
किन इलाकों में होनी थी गांजे की सप्लाई?
59 किलो गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खेप को कहां पहुंचाया जाना था। गिरफ्तार आरोपितों से गांजे की मात्रा, उसकी खरीद-बिक्री और संभावित ग्राहकों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि इस कारोबार में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा, लग्जरी कार के इस्तेमाल और गांजे के परिवहन से जुड़े तथ्यों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। इन जानकारियों से तस्करी के तरीके और नेटवर्क की संभावित पहुंच को समझने में मदद मिल सकती है।
पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई
फिलहाल तीनों गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है। पुलिस बरामद गांजे और वाहन से जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस की प्राथमिकता गांजे के स्रोत का पता लगाने, संभावित सप्लाई नेटवर्क की पहचान करने और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की है।