पश्चिम चंपारण: बेतिया में पुलिस हिरासत में युवक की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; पुलिस बोली- गाड़ी से कूदने पर लगी थी चोट

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BNT Desk: पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में पुलिस हिरासत में लिए गए 25 वर्षीय युवक दिलशाद अंसारी की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। युवक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिवार का सवाल है कि रविवार की देर रात घर से पुलिस के साथ गए दिलशाद की कुछ ही घंटों बाद मौत कैसे हो गई और उसके सिर पर गंभीर चोट किन परिस्थितियों में लगी। वहीं, पुलिस का कहना है कि एनडीपीएस मामले में युवक को गिरफ्तार कर लाया जा रहा था। इसी दौरान वह पुलिस वाहन से कूद गया, जिससे उसके सिर में चोट लगी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और हिरासत में लिए गए व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, मौत की असली वजह और चोट लगने की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

 

देर रात दो गाड़ियों से घर पहुंची थी पुलिस

मृतक की पहचान बानुछापर थाना क्षेत्र के बड़ा टोला, वार्ड संख्या-2 निवासी अकबर अंसारी के पुत्र दिलशाद अंसारी के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 25 वर्ष बताई गई है। परिजनों के मुताबिक, रविवार की देर रात करीब दो बजे बानुछापर और सहोदरा थाने की पुलिस दो गाड़ियों से उनके घर पहुंची थी।

परिवार का कहना है कि पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर दिलशाद के बारे में पूछा। परिजनों ने बताया कि वह घर में सो रहा था। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ लेकर चली गई। परिवार के अनुसार, उस समय उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि दिलशाद को किस मामले में और किन परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है। उन्हें बताया गया था कि पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है। बाद में परिवार को जानकारी मिली कि दिलशाद को एनडीपीएस के एक मामले में हिरासत में लिया गया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें उस समय यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उन्हें उसकी मौत की खबर मिलेगी।

 

सुबह पांच बजे फोन आया, अस्पताल पहुंचे तो मृत मिला युवक

परिजनों के मुताबिक, रविवार देर रात घर से ले जाए जाने के कुछ घंटे बाद, सुबह करीब पांच बजे उन्हें फोन आया। फोन पर बताया गया कि दिलशाद की तबीयत खराब हो गई है और परिवार के लोग अस्पताल पहुंचें। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने दिलशाद को मृत अवस्था में पाया। परिवार का आरोप है कि उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। यह देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। रात में घर से पुलिस के साथ गया युवक सुबह मृत मिला तो परिवार के लोगों के लिए इस घटना पर विश्वास करना मुश्किल हो गया।

दिलशाद के पिता अकबर अंसारी और पत्नी नगमा खातून का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि अगर युवक पुलिस के साथ था, तो उसकी मौत और सिर पर लगी चोट की परिस्थितियों की पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए। परिवार यह जानना चाहता है कि घर से ले जाने के बाद से लेकर अस्पताल पहुंचने तक क्या हुआ। पुलिस वाहन में या रास्ते में ऐसी कौन-सी घटना हुई, जिसमें दिलशाद के सिर पर गंभीर चोट आई? इन्हीं सवालों के जवाब के लिए परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

 

पत्नी, मां और पिता ने उठाए सवाल

दिलशाद की मौत के बाद उसके परिवार ने पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है। पत्नी नगमा खातून, मां अन्धेय खातून और पिता अकबर अंसारी के बयान इस मामले में महत्वपूर्ण हैं। परिवार का कहना है कि दिलशाद को पुलिस अपने साथ लेकर गई थी, इसलिए उसकी मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना जरूरी है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें शुरुआत में हिरासत में लेने के कारण और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिवार चाहता है कि पुलिस वाहन से अस्पताल पहुंचने के बीच हुई घटनाओं की जांच हो और यह पता लगाया जाए कि युवक के सिर पर गंभीर चोट कैसे लगी। हालांकि, परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। मामले में पुलिस का पक्ष भी अलग है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवक को एनडीपीएस मामले में गिरफ्तार कर लाया जा रहा था और इसी दौरान वाहन से कूदने के बाद उसे चोट लगी।

 

एसडीपीओ बोले- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

नरकटियागंज के एसडीपीओ प्रसन्ना कुमार एमबी ने बताया कि उन्हें दिलशाद अंसारी की मौत की सूचना मिली है। उनके अनुसार, सहोदरा थाने की पुलिस एनडीपीएस कांड संख्या 65/25 में दिलशाद को गिरफ्तार कर ला रही थी। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। एसडीपीओ ने यह भी कहा कि दिलशाद के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज थे। हालांकि, पूर्व में मामले दर्ज होने की बात से उसकी मौत की परिस्थितियों का स्वतः निर्धारण नहीं होता। मौत के कारणों और घटना के क्रम को स्पष्ट करने के लिए जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।

 

थानाध्यक्ष का दावा- पुलिस वाहन से कूद गया था दिलशाद

सहोदरा थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार के अनुसार, दिलशाद अंसारी को एनडीपीएस कांड संख्या 65/25 में पूछताछ के लिए लाया जा रहा था। इसी दौरान वह पुलिस वाहन से कूद गया। थानाध्यक्ष का कहना है कि इस घटना में उसके माथे पर गंभीर चोट आई। पुलिस के मुताबिक, घायल दिलशाद को इलाज के लिए बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के इस दावे के बाद घटना को लेकर मुख्य सवाल यह है कि वाहन से कूदने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और चोट लगने के बाद उसे किस समय अस्पताल पहुंचाया गया। इन बिंदुओं की पुष्टि के लिए घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और मेडिकल रिपोर्ट का सामने आना जरूरी है।

 

सदर एसडीपीओ बोले- गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में लगी चोट

बेतिया सदर एसडीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस दिलशाद को गिरफ्तार करने गई थी। उनके अनुसार, वह पुलिस की गिरफ्त से भाग रहा था। इसी दौरान उसे चोट लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, बानुछापर थानाध्यक्ष मधु कुमारी ने बताया कि सहोदरा थाने की पुलिस एनडीपीएस मामले में दिलशाद को गिरफ्तार करने आई थी और बानुछापर थाने की पुलिस भी उसके साथ गई थी। उनके अनुसार, बाद में सहोदरा पुलिस दिलशाद को अपने साथ लेकर चली गई। उन्होंने कहा कि उन्हें भी उसकी मौत की सूचना मिली है और फिलहाल मामले की जांच चल रही है। बेतिया के पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने भी कहा कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। उनके मुताबिक, पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

 

चार महीने की बेटी को छोड़ गया दिलशाद

इस घटना का एक दुखद पहलू यह भी है कि दिलशाद अपने पीछे पत्नी और महज चार महीने की बेटी को छोड़ गया है। परिजनों के मुताबिक, उसकी शादी 25 मार्च 2025 को हुई थी। परिवार का कहना है कि दिलशाद एक छोटी कंपनी में काम करता था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था। युवक की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और छोटी बच्ची के भविष्य को लेकर भी परिवार की चिंता बढ़ गई है।

 

पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

फिलहाल, दिलशाद अंसारी की मौत को लेकर परिजनों के आरोप और पुलिस के बयान सामने हैं, लेकिन घटना की पूरी परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। परिजनों ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने भी जांच जारी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि दिलशाद को चोट कैसे लगी, उसे अस्पताल कब और किन परिस्थितियों में पहुंचाया गया तथा उसकी मौत का चिकित्सकीय कारण क्या था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

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