BNT Desk: इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS), पटना में रैगिंग के आरोप में MBBS 2024 बैच के तीन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। संस्थान के प्राचार्य कार्यालय की ओर से 8 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, आदित्य राज, अभिनव राज और राज चौरसिया को तत्काल प्रभाव से तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस दौरान तीनों छात्र न तो कक्षाओं में शामिल हो सकेंगे और न ही संस्थान की शैक्षणिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर पाएंगे। उन्हें अपना आवंटित हॉस्टल कमरा भी खाली करने का निर्देश दिया गया है।
संस्थान के आदेश के मुताबिक, निलंबन की अवधि में तीनों छात्रों को परिसर में रहने की अनुमति नहीं होगी। मामले में आगे की कार्रवाई तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी (ARC) की समीक्षा और उसके निर्णय के आधार पर की जाएगी। हालांकि, आदेश में कथित रैगिंग की घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
तीन महीने तक पढ़ाई और शैक्षणिक सुविधाओं पर रोक
IGIMS के प्राचार्य कार्यालय की ओर से जारी आदेश में तीनों छात्रों के निलंबन को तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई है। निलंबन के दौरान वे नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसके अलावा संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी।
आदेश के तहत तीनों छात्रों को अपने आवंटित हॉस्टल कमरे खाली करके संबंधित वार्डन को सौंपने होंगे। निलंबन की अवधि में वे हॉस्टल में नहीं रह सकेंगे। साथ ही, संस्थान परिसर में उनकी मौजूदगी पर भी रोक लगाई गई है।
इस कार्रवाई के बाद छात्रों की पढ़ाई और संस्थान में उनकी शैक्षणिक गतिविधियां तीन महीने तक प्रभावित रहेंगी। हालांकि, निलंबन के बाद उनकी पढ़ाई को लेकर आगे क्या व्यवस्था होगी, इस संबंध में अंतिम स्थिति कमेटी की समीक्षा और संस्थान के नियमों के अनुसार लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी।
निलंबन के बाद एंटी रैगिंग कमेटी करेगी समीक्षा
प्राचार्य कार्यालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तीन महीने की निलंबन अवधि पूरी होने के बाद मामला एंटी रैगिंग कमेटी (ARC) के सामने रखा जाएगा। कमेटी संबंधित तथ्यों, उपलब्ध अभिलेखों और मामले से जुड़े पहलुओं की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
आदेश के अनुसार, पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) और संस्थान में लागू नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी। इसका मतलब है कि निलंबन के बाद मामले की समीक्षा संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जानी है।
फिलहाल, कमेटी की समीक्षा पूरी होने और आगे का निर्णय आने तक तीनों छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई निलंबन के आदेश तक सीमित है। उनके संबंध में अंतिम फैसला क्या होगा, यह समीक्षा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
आदेश में रैगिंग की घटना का पूरा ब्योरा नहीं
प्राचार्य कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कथित रैगिंग की घटना की प्रकृति, उसके होने की तारीख और आरोपों से जुड़े विस्तृत तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया है। आदेश में पीड़ित छात्र की पहचान से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तीनों छात्रों पर किस तरह की रैगिंग के आरोप लगे थे और किन विशिष्ट घटनाओं या तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उपलब्ध आदेश से केवल इतना स्पष्ट है कि संस्थान ने तीनों छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित किया है और आगे मामले की समीक्षा एंटी रैगिंग कमेटी करेगी।
आरोपों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं होने के कारण मामले के सभी पहलुओं पर फिलहाल कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। आगे की स्थिति कमेटी की समीक्षा और संस्थान की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट हो सकती है।
हॉस्टल खाली करने का निर्देश, अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
निलंबन आदेश में तीनों छात्रों को अपना आवंटित हॉस्टल कमरा खाली कर संबंधित वार्डन को सौंपने का निर्देश भी दिया गया है। निलंबन की अवधि में उन्हें हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही संस्थान परिसर में उनकी मौजूदगी पर भी रोक लागू रहेगी।
आदेश की प्रतिलिपि IGIMS के निदेशक, डीन, संबंधित विभागाध्यक्षों, हॉस्टल वार्डन और सुरक्षा प्रभारी समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इससे संबंधित अधिकारियों को आदेश के प्रावधानों का पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
कमेटी के फैसले पर निर्भर करेगी आगे की कार्रवाई
IGIMS में तीन MBBS छात्रों पर की गई यह कार्रवाई तीन महीने के लिए तत्काल प्रभाव से लागू है। निलंबन अवधि पूरी होने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों की समीक्षा करेगी। इसके बाद लागू नियमों के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल, कथित घटना का विस्तृत विवरण और कमेटी के अंतिम फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में तीनों छात्रों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी, यह एंटी रैगिंग कमेटी की समीक्षा और संस्थान के आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।