बिहार में रबी खेती का दायरा बढ़ाने की तैयारी, 48 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य; गेहूं पर खास जोर

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BNT Desk: बिहार में रबी फसलों की खेती का दायरा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को वासंतिक यानी रबी महाअभियान जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर किसानों को रबी फसलों की खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज के इस्तेमाल और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को बेहतर कृषि पद्धतियों से जोड़कर उत्पादन बढ़ाना और उनकी आमदनी में सुधार करना है।

इस साल बिहार में कुल 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष करीब 42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वासंतिक फसलों की खेती हुई थी। इस बार खेती का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ अलग-अलग फसलों के उत्पादन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

गेहूं की खेती के लिए 24 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य

रबी महाअभियान के तहत गेहूं की खेती को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। राज्य में इस साल 24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा छह लाख हेक्टेयर में वासंतिक मक्का और पांच लाख हेक्टेयर में दलहन की खेती की योजना है।

तिलहन की खेती के लिए चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। वहीं, आलू, सब्जी, मसाला और अन्य फसलों की खेती नौ लाख हेक्टेयर क्षेत्र में करने का लक्ष्य है। इस तरह सरकार गेहूं के साथ-साथ दलहन, तिलहन और दूसरी फसलों के उत्पादन को भी बढ़ाना चाहती है।

फसलवार लक्ष्य तय करने के पीछे उद्देश्य खेती के कुल रकबे का बेहतर इस्तेमाल करना और किसानों को विभिन्न फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ खाद्यान्न और अन्य कृषि उत्पादों की उपलब्धता मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

 

कागजों पर नहीं, खेतों में दिखना चाहिए परिणाम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि विभाग को स्पष्ट संदेश दिया कि खेती के लिए निर्धारित लक्ष्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ खेतों में दिखाई दे और किसानों तक कृषि विभाग की सुविधाएं समय पर पहुंचें।

लक्ष्य हासिल करने के लिए जिलों, प्रखंडों और पंचायतों के स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। जहां भी खेती के निर्धारित लक्ष्य पूरे करने में कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। जागरूकता रथ के माध्यम से किसानों को फसल चयन, बीज की गुणवत्ता और आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने की योजना है।

सरकार की कोशिश है कि किसानों को बुवाई के समय सही जानकारी मिले, ताकि वे अपनी जमीन और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बेहतर फसल का चुनाव कर सकें। कृषि अभियान की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीज और जरूरी तकनीकी सहायता कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है।

 

दलहन-तिलहन और प्राकृतिक खेती पर भी जोर

रबी महाअभियान में दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मसूर, चना और सरसों जैसी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर रहेगा।

सरकार प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देना चाहती है। इसके जरिए खेती की पद्धतियों में सुधार करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और किसानों को टिकाऊ कृषि की ओर प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।

दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाना कृषि विविधीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इससे किसानों को गेहूं जैसी प्रमुख फसलों के अलावा अन्य फसलों की खेती के विकल्प मिलेंगे। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ फसल की उत्पादकता, लागत, बाजार में मांग और किसानों को मिलने वाले मूल्य पर भी निर्भर करेगा।

 

कृषि में युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाना जरूरी है। कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं।

उन्होंने कृषि यंत्रों, बीज उत्पादन, मशरूम की खेती, नर्सरी, ड्रोन तकनीक, कृषि प्रसंस्करण और विपणन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए संभावनाओं पर जोर दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से युवा खेती से जुड़े व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका बढ़ा सकते हैं।

महिलाओं को कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की जरूरत पर भी बल दिया गया। इससे महिलाओं को खेती और कृषि आधारित उद्यमों में अधिक भागीदारी का अवसर मिल सकता है।

 

किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना बड़ी चुनौती

बिहार में रबी खेती का लक्ष्य 42 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 48 लाख हेक्टेयर करना कृषि क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समय पर बुवाई, गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता, सिंचाई, कृषि सलाह और बाजार तक पहुंच जैसी जरूरतों पर भी ध्यान देना होगा।

रबी महाअभियान जागरूकता रथ का उद्देश्य किसानों तक योजनाओं और तकनीकों की जानकारी पहुंचाना है। अब इसकी सफलता इस बात से तय होगी कि अभियान के दौरान दी गई जानकारी किसानों के खेतों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है और निर्धारित फसल लक्ष्य जमीन पर कितना पूरा हो पाता है।

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