BNT Desk: चुनाव आयोग ने 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने का फैसला लिया है। इसके तहत मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने, पता बदलने और अपात्र नामों को नियमानुसार हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जानिए पूरी समय-सारिणी, जरूरी फॉर्म और ऑनलाइन आवेदन का तरीका।
बिहार समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची का होगा पुनरीक्षण
बिहार समेत देश के 17 राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भी दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।
इस अभियान के दौरान योग्य मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएंगे। वहीं, नाम, पता, फोटो और अन्य विवरणों में मौजूद गलतियों को सुधारने का मौका भी मिलेगा। जिन नामों को हटाने की जरूरत होगी, उनके संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह प्रक्रिया ऐसे समय हो रही है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। SSR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
12 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
चुनाव आयोग ने पुनरीक्षण के लिए समय-सारिणी तय की है। सबसे पहले मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी, ताकि मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच कर सकें।
कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
- 2 नवंबर 2026: मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा।
- 12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
- 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
- 28 दिसंबर 2026: दावों और आपत्तियों के निस्तारण की समय-सीमा।
- 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
प्रारूप सूची जारी होने के बाद मतदाता यह जांच सकेंगे कि उनका नाम सूची में मौजूद है या नहीं। नाम छूटने, विवरण में गलती या किसी अन्य आपत्ति की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकेगा।
पहली बार वोट देने वाले युवाओं को भी मिलेगा मौका
इस अभियान में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसके अलावा, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को भी अग्रिम आवेदन की सुविधा मिलेगी। इससे पात्र युवाओं को मतदाता बनने के लिए अगली पुनरीक्षण प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
युवाओं को सलाह है कि वे आवेदन करने से पहले अपनी उम्र और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जांच लें, ताकि आवेदन में किसी तरह की परेशानी न हो।
नाम जुड़वाने और सुधार के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े अलग-अलग कामों के लिए विभिन्न फॉर्म निर्धारित किए हैं। आवेदन करते समय सही फॉर्म का इस्तेमाल करना जरूरी है।
- फॉर्म-6: पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या पात्र नागरिक के नामांकन के लिए।
- फॉर्म-6A: विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए।
- फॉर्म-7: मतदाता सूची में दर्ज नाम को हटाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए।
- फॉर्म-8: पता बदलने, दर्ज जानकारी में सुधार, फोटो बदलने या दिव्यांगता संबंधी विवरण अपडेट कराने के लिए।
आवेदन करने से पहले संबंधित फॉर्म की शर्तें और जरूरी दस्तावेज जांच लेना बेहतर होगा। गलत फॉर्म भरने या अधूरी जानकारी देने से आवेदन के निस्तारण में परेशानी हो सकती है।
एक बूथ पर सामान्यतः 1,200 से ज्यादा मतदाता नहीं
मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के दौरान आयोग के निर्धारित मानकों का ध्यान रखा जाएगा। सामान्य तौर पर एक मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या ज्यादा है, तो जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं।
इस प्रक्रिया में घनी आबादी वाले इलाकों, ऊंची आवासीय सोसायटियों और स्लम क्षेत्रों की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा। इसका उद्देश्य मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने में होने वाली परेशानी कम करना और चुनावी व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
ऑनलाइन भी कर सकेंगे आवेदन
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या विवरण में सुधार कराने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध होगी। मतदाता वोटर सर्विस पोर्टल या ECINET ऐप के माध्यम से निर्धारित सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। नए मतदाता डिजिटल e-EPIC भी डाउनलोड कर सकेंगे। हालांकि, आवेदन करते समय सही जानकारी देना और आवेदन की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
अधिकारियों के तबादले पर रहेगी रोक
पुनरीक्षण प्रक्रिया को समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। कार्यक्रम के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारी (AERO) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जैसे अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले पर रोक रहेगी। निर्धारित अवधि के दौरान आयोग की अनुमति के बिना संबंधित अधिकारियों का स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। इससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम प्रभावित होने से बचाने में मदद मिलेगी।
राजनीतिक दलों से भी मांगा जाएगा सहयोग
चुनाव आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने की अपील की है। ये एजेंट मतदाता सूची की जांच और पुनरीक्षण प्रक्रिया में BLO के साथ सहयोग करेंगे।
राजनीतिक दलों को प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे दल अपने स्तर पर सूची की जांच कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अहम तैयारी
वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में मतदाता सूची को समय रहते अपडेट करना चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बिहार में भी इस अभियान के तहत मतदाताओं को अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच करनी चाहिए। 12 नवंबर को प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाता अपनी एंट्री देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर 11 दिसंबर तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। अंतिम सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।