BNT Desk: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भोजपुर में रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए आरा हेड पोस्ट ऑफिस से जुड़े ओवरसियर पुरुषोत्तम कुमार को 10 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया है। CBI की टीम ने रविवार देर शाम उसे आरा स्थित सरकारी आवास से पकड़ा। यह कार्रवाई एक ग्रामीण डाक सेवक (GDS) की शिकायत के बाद की गई।
सरकारी काम और फाइल पर हस्ताक्षर के बदले मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, उदवंतनगर प्रखंड के छोटकी सासाराम स्थित उप डाकघर में पदस्थ ग्रामीण डाक सेवक ने आरोप लगाया था कि सरकारी काम कराने और फाइल पर हस्ताक्षर करने के बदले उससे रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उससे लगातार पैसों की मांग की जा रही थी, जिसके बाद उसने CBI से संपर्क किया।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया गया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद CBI ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद एजेंसी ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत रविवार को शिकायतकर्ता GDS आरोपी के सरकारी आवास पर पहुंचा और उसे 10 हजार रुपये दिए। रकम दिए जाने के बाद पहले से निगरानी कर रही CBI टीम ने मौके पर कार्रवाई की। अधिकारियों को देखते ही आरोपी ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम बाहर फेंक दी, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और रकम बरामद कर ली।
हर तीन महीने पर 10 हजार मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उससे हर तीन महीने पर 10 हजार रुपये की मांग की जाती थी। हालांकि, इस आरोप की पूरी पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। CBI मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
प्रमोशन के बाद अरवल हुआ था तबादला
जानकारी के मुताबिक, पुरुषोत्तम कुमार का हाल ही में प्रमोशन के बाद अरवल तबादला हुआ था। इसके बावजूद वह आरा स्थित सरकारी आवास में रह रहा था। CBI ने इसी आवास पर ट्रैप की कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी उसे अपने साथ ले गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
गिरफ्तारी के दौरान परिजनों ने किया विरोध
CBI की कार्रवाई के दौरान आरोपी के परिवार के सदस्यों की ओर से हल्का विरोध किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद CBI टीम आरोपी को अपने साथ ले गई।
क्या काम करता है पोस्ट ऑफिस का ओवरसियर?
डाक विभाग में ओवरसियर की जिम्मेदारी मैदानी स्तर पर डाक वितरण व्यवस्था और कर्मचारियों के काम की निगरानी से जुड़ी होती है। इसमें पोस्टमैन के काम का निरीक्षण, डाक की समय पर डिलीवरी, रूट और बीट व्यवस्था तथा संबंधित रिकॉर्ड की निगरानी शामिल होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण डाक सेवकों के काम के समन्वय और निगरानी में भी उसकी भूमिका रहती है।