पटना: 10 अक्टूबर से PMCH में मिलेंगी कई नई सुविधाएं, मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन; पर्ची से दवा तक आसान होगी मरीजों की राह

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BNT Desk: पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में 10 अक्टूबर से मरीजों को कई नई और आधुनिक सुविधाएं मिलने जा रही हैं। अस्पताल के नए भवन में ओपीडी रजिस्ट्रेशन से लेकर ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, नवजात और गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था को विस्तार दिया जा रहा है। इन सुविधाओं का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। नए इंतजाम शुरू होने के बाद मरीजों को पर्ची कटाने के लिए लंबी कतार में लगने, दवा लेने के लिए ऊपरी मंजिलों पर जाने और गंभीर हालत में इलाज के लिए ज्यादा इंतजार करने जैसी परेशानियों को कम करने की तैयारी है।

 

50 साल पुराने रजिस्ट्रेशन काउंटर की जगह 15 नए काउंटर

PMCH में करीब 50 साल पुराने ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर को अब नए भवन के पहले तल पर शिफ्ट किया जा रहा है। पुराने काउंटरों की तुलना में यहां ज्यादा जगह और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पहले जहां 10 काउंटर से ओपीडी मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता था, वहीं नए परिसर में 15 पूरी तरह वातानुकूलित काउंटर बनाए गए हैं। नए रजिस्ट्रेशन परिसर में बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों के लिए एक-एक काउंटर आरक्षित रहेगा। महिलाओं के लिए तीन अलग काउंटर रखे गए हैं। इसके अलावा काउंटरों के बीच पर्याप्त जगह छोड़ी गई है, ताकि मरीजों की कतार व्यवस्थित तरीके से लग सके और भीड़ के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति न बने। PMCH में प्रतिदिन औसतन तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में अतिरिक्त काउंटर शुरू होने से पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को पहले की तुलना में कम समय इंतजार करना पड़ेगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को व्यवस्थित करने से ओपीडी परिसर में भीड़ का दबाव कम होने की उम्मीद है।

 

सर्जरी वार्ड के साथ शुरू होंगे 5 नए ऑपरेशन थिएटर

नए भवन में सर्जरी वार्ड को भी शिफ्ट करने की तैयारी है। इसके साथ ही पांच नए अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर शुरू किए जाएंगे। अस्पताल के कई विभागों की ओपीडी पहले ही नए भवन में शिफ्ट हो चुकी है। अब इनडोर वार्डों को भी नए परिसर में स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। नए भवन में डॉक्टरों के लिए अलग-अलग चैंबर भी आवंटित किए गए हैं। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और मनोचिकित्सा विभाग के लिए अतिरिक्त चैंबर की व्यवस्था की गई है। इन विभागों में मरीजों की गोपनीयता और काउंसिलिंग को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराई गई है।

 

मेडिसिन आईसीयू में 15 से बढ़कर 60 बेड

पीएमसीएच में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए आईसीयू की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। मेडिसिन आईसीयू में अभी 15 बेड उपलब्ध हैं। इसे बढ़ाकर 60 बेड किया जा रहा है। यानी मेडिसिन आईसीयू में 45 अतिरिक्त बेड उपलब्ध होंगे। सर्जरी आईसीयू की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। अभी यहां 15 बेड हैं, जिन्हें बढ़ाकर 24 किया जाएगा। वहीं न्यूरो आईसीयू में भी बेड की संख्या 9 से बढ़ाकर 22 की जा रही है। नई आईसीयू व्यवस्था में वेंटिलेटर की सुविधा वाले बेड भी शामिल किए जा रहे हैं। इससे गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को इलाज के दौरान जरूरी निगरानी और सपोर्ट उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

 

एनआईसीयू में 20 बेड बढ़ेंगे, 20 बेड का पीआईसीयू भी तैयार

शिशु रोग विभाग में नवजात और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज की सुविधा को भी बढ़ाया जा रहा है। पांचवें तल पर संचालित एनआईसीयू में अभी 38 बेड हैं। इसमें 20 बेड और जोड़े जा रहे हैं। इसके बाद एनआईसीयू की क्षमता बढ़कर 58 बेड हो जाएगी। इसके अलावा बच्चों के गंभीर इलाज के लिए 20 बेड का पीआईसीयू भी तैयार किया जा रहा है। इसे पांचवें तल से तीसरे तल पर शिफ्ट किया जाएगा। एनआईसीयू में बढ़ाए गए बेड और पीआईसीयू की नई व्यवस्था का उद्घाटन भी 10 अक्टूबर को प्रस्तावित है। बच्चों और नवजातों के लिए आईसीयू बेड बढ़ने से गंभीर मरीजों को भर्ती करने की क्षमता बढ़ेगी। खासकर ऐसे मामलों में, जहां बच्चों को लगातार निगरानी और विशेष चिकित्सा सुविधा की जरूरत होती है, नई व्यवस्था उपयोगी होगी।

 

इमरजेंसी और ओपीडी में ट्रायज से गंभीर मरीजों को पहले इलाज

PMCH की इमरजेंसी और ओपीडी में ट्रायज व्यवस्था भी शुरू की जा रही है। इसके तहत मरीज की हालत की गंभीरता का आकलन कर इलाज की प्राथमिकता तय की जाएगी। इसका उद्देश्य गंभीर मरीजों को सामान्य मरीजों की कतार में लंबे समय तक इंतजार करने से बचाना है। ट्रायज में मरीजों को उनकी स्थिति के आधार पर अलग-अलग जोन में रखा जाएगा। अति गंभीर मरीजों को लाल जोन में रखकर तत्काल इलाज दिया जाएगा। मध्यम गंभीर मरीजों को पीले जोन में रखा जाएगा, जबकि सामान्य स्थिति वाले मरीज हरे जोन में रहेंगे। इस व्यवस्था को पूरी तरह संचालित करने के लिए करीब 70 से 80 नर्सों की जरूरत होगी। नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध होने के बाद ट्रायज व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने की तैयारी है।

 

दवा लेने के लिए ऊपरी मंजिलों पर जाने की जरूरत नहीं

मरीजों की एक बड़ी परेशानी दवा लेने के लिए ऊपरी मंजिलों तक जाना भी है। इसे कम करने के लिए नए भवन में नीचे की ओर 10 दवा वितरण काउंटर बनाए जा रहे हैं। नई व्यवस्था में मरीज ओपीडी में डॉक्टर से जांच कराने के बाद नीचे आकर दवा ले सकेंगे। इसके बाद वे सीधे अस्पताल से बाहर निकल सकेंगे। इससे मरीजों को दवा लेने के लिए लिफ्ट या सीढ़ियों का इस्तेमाल कम करना पड़ेगा। साथ ही इन दोनों जगहों पर भीड़ का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

 

ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक एस्केलेटर

PMCH के नए भवन में ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक एस्केलेटर की सुविधा भी शुरू की जा रही है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अलग-अलग मंजिलों तक आने-जाने में आसानी होगी। मरीजों को विभागों तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए भवन में 500 से अधिक फ्लोरोसेंट साइनेज लगाए जा रहे हैं। इन संकेतकों के जरिए मरीज सर्जरी, मेडिसिन और दूसरे विभागों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। डॉक्टरों और मरीजों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था भी की जा रही है। इन सभी सुविधाओं के शुरू होने के बाद पीएमसीएच में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए रजिस्ट्रेशन, जांच, दवा वितरण और गंभीर मरीजों की प्राथमिकता के स्तर पर इलाज की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश होगी।

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