बिहार: नीरज कुमार के नामांकन से पहले ललन सिंह से मिले नीतीश कुमार, अनंत सिंह विवाद पर हुई चर्चा; 20 मिनट चली मुलाकात

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BNT Desk: बिहार की सियासत में जदयू के अंदर चल रहे अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद के बीच सोमवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के नामांकन से ठीक पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।

 

नामांकन से ठीक पहले हुई मुलाकात

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार को जदयू ने उम्मीदवार बनाया है। उनके नामांकन को लेकर पार्टी की तैयारियों के बीच नीतीश कुमार का ललन सिंह के आवास पहुंचना चर्चा में रहा। इससे पहले नीरज कुमार ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया था और 5 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की बात कही थी।  नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच पिछले कुछ समय से सार्वजनिक रूप से बयानबाजी चल रही है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना विरोध जाहिर किया है और पटना स्नातक सीट से जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन देने की घोषणा की है।

 

ललन सिंह को विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी

इससे पहले जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा मामला पार्टी के संज्ञान में है और ललन सिंह को दोनों नेताओं से बातचीत कर मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, ललन सिंह ने बाद में कहा कि वह किसी के झगड़े में नहीं पड़ते और दोनों नेता खुद तैयार हों तभी वह समझौता करा सकते हैं। ऐसे में नीतीश कुमार और ललन सिंह की ताजा मुलाकात इस पूरे घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण हो गई है।

 

अनंत सिंह लगातार कर रहे हैं नीरज का विरोध

मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जदयू के ही प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख सार्वजनिक कर दिया है। वह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार भी कर रहे हैं। 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह उनके साथ खुली जीप में नजर आए थे। इस दौरान समर्थकों का काफिला भी मौजूद था। रिपोर्टों के मुताबिक, अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में लोगों से अपील की। अनंत सिंह का कहना है कि वह नीतीश कुमार को मानते हैं और पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी निष्ठा जता चुके हैं। साथ ही उन्होंने नीरज कुमार को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से रखी हैं। उनके बयानों के बाद यह मामला अब सिर्फ दो नेताओं के बीच की बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पार्टी नेतृत्व के स्तर तक पहुंच गया है।

 

नीरज कुमार को नीतीश का समर्थन

दूसरी ओर, नीरज कुमार ने हाल में नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार के प्रति आभार जताया और कहा कि उन्हें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एनडीए समर्थित जदयू उम्मीदवार का प्रपत्र मिला है। उन्होंने इसे पार्टी के कार्यकर्ताओं का सम्मान बताया था। नीरज कुमार के नामांकन से पहले नीतीश कुमार और ललन सिंह की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी के सामने एक तरफ अपने घोषित उम्मीदवार के चुनाव अभियान को आगे बढ़ाने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ अनंत सिंह के विरोध से पैदा हुई स्थिति को संभालने का सवाल है।

 

पटना स्नातक सीट पर बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव पहले ही राजनीतिक रूप से चर्चा में है। जदयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन में सक्रिय होने के बाद इस सीट का चुनावी घटनाक्रम और महत्वपूर्ण हो गया है। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। ऐसे में नामांकन प्रक्रिया के बीच जदयू के भीतर चल रहे इस विवाद पर पार्टी नेतृत्व की गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है।

 

अब ललन सिंह की भूमिका पर नजर

नीतीश कुमार और ललन सिंह की मुलाकात के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को लेकर पार्टी स्तर पर आगे क्या कदम उठाया जाता है। फिलहाल मुलाकात में क्या-क्या चर्चा हुई और कोई ठोस फैसला लिया गया या नहीं, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से मामले को लेकर बातचीत और हस्तक्षेप की कोशिशों की खबरें जरूर सामने आई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अनंत सिंह और नीरज कुमार के रुख तथा जदयू नेतृत्व की अगली पहल पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

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