पटना: बिक्रम-कनपा मुख्य सड़क पर सूखा पेड़ गिरने से आठ घंटे जाम, पुलिस ने हटाकर बहाल कराया आवागमन

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BNT Desk: पटना जिले में बिक्रम-कनपा मुख्य सड़क पर गुरुवार की देर रात अचानक एक सूखा पेड़ गिरने से करीब आठ घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। घटना करसा गांव के पास हुई, जहां सड़क किनारे खड़ा सूखा पेड़ अचानक सड़क पर आ गिरा। पेड़ के सड़क पर गिरते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। देर रात हुई इस घटना के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी वन विभाग और बिक्रम थाना पुलिस को दी। वन विभाग की टीम के मौके पर नहीं पहुंचने के बाद स्थानीय थाना की पुलिस ने सड़क पर गिरे पेड़ को हटाकर यातायात बहाल कराया।

 

अचानक सड़क पर गिरा सूखा पेड़

गुरुवार की देर रात करसा गांव के पास सड़क किनारे खड़ा एक सूखा पेड़ अचानक भरभराकर मुख्य सड़क पर गिर गया। पेड़ का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ जाने के कारण दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। रात का समय होने के बावजूद कुछ ही देर में सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने लगी और दोनों ओर लंबी कतार लग गई। बिक्रम-कनपा मुख्य सड़क स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रास्ते से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर पेड़ गिरने के बाद वाहनों का परिचालन रुक जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।

 

दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी कतार

पेड़ गिरने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई वाहन चालक काफी देर तक रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। रात के समय सड़क पर पेड़ गिरने के कारण वाहन चालकों के सामने आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं था। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क के दोनों तरफ वाहन खड़े रहने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई लोगों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। ग्रामीणों ने स्थिति की जानकारी संबंधित विभाग और पुलिस को दी, ताकि सड़क से पेड़ हटाकर जल्द से जल्द यातायात सामान्य कराया जा सके।

 

वन विभाग को दी गई सूचना

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। साथ ही बिक्रम थाना पुलिस को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पेड़ गिरने के बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन काफी देर तक विभाग की ओर से कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। वन विभाग की टीम के नहीं पहुंचने के कारण सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने में देरी हुई। इस वजह से लोगों को लंबे समय तक जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क पर पेड़ पड़े रहने के कारण दोनों तरफ वाहनों की कतार बढ़ती चली गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने खुद सड़क से पेड़ हटाने की पहल की।

 

पुलिस ने हटाया पेड़, फिर शुरू हुआ परिचालन

काफी देर तक आवागमन बाधित रहने के बाद बिक्रम थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सड़क पर गिरे सूखे पेड़ को हटाने की कार्रवाई शुरू की। किसी तरह पेड़ को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद वाहनों के परिचालन का रास्ता साफ हो सका। पेड़ हटने के बाद धीरे-धीरे सड़क पर यातायात सामान्य हुआ और दोनों तरफ खड़े वाहनों को आगे बढ़ने का रास्ता मिला। इस तरह करीब आठ घंटे तक प्रभावित रहने के बाद बिक्रम-कनपा मुख्य सड़क पर आवागमन बहाल कराया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पेड़ को समय रहते हटा दिया जाता तो लंबे समय तक जाम की स्थिति से बचा जा सकता था।

 

सड़क किनारे कई सूखे पेड़ बने चिंता का कारण

घटना के बाद सड़क किनारे खड़े अन्य सूखे पेड़ों को लेकर भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि करसा गांव के आसपास सड़क किनारे कई पेड़ ऐसे हैं, जो काफी समय से सूखे हुए हैं। बारिश और तेज हवा के दौरान इन पेड़ों के गिरने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि सड़क के किनारे सूखे या कमजोर पेड़ों की समय-समय पर जांच की जानी चाहिए। यदि किसी पेड़ से राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा है तो उसे समय रहते हटाने या उसकी जरूरी छंटाई कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।

 

ग्रामीणों ने निरीक्षण कराने की मांग की

स्थानीय ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि सड़क किनारे खड़े सूखे पेड़ों के कारण हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने संबंधित विभाग से ऐसे पेड़ों का निरीक्षण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाया जाए तो भविष्य में इस तरह सड़क पर पेड़ गिरने से होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है। साथ ही सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र में सड़क किनारे मौजूद सूखे पेड़ों का निरीक्षण कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पेड़ों की समय पर छंटाई और खतरनाक पेड़ों को हटाने की कार्रवाई से न केवल सड़क जाम की समस्या से बचा जा सकता है, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी कम होगी।

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