BNT Desk: सुपौल जिले के राघोपुर थाना में तीन युवकों के साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज, मोबाइल फोन छीनने और रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए वीरपुर SDPO पवन कुमार से शिकायत की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ 13 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक थाना परिसर और नवनिर्मित मॉडल थाना भवन के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है।
थाना पहुंचने के बाद मारपीट का आरोप
पीड़ित सौरभ झा के अनुसार, वह 13 सितंबर को करीब 3 बजे पारस चौधरी और सिकेन्द्र पासवान के साथ एक मामले के सिलसिले में राघोपुर थाना पहुंचे थे। आरोप है कि थाना के मुख्य गेट के पास अभय कुमार ने उनके साथ थप्पड़ मारकर मारपीट की। इसके बाद तीनों युवकों को थाना के पीछे स्थित नवनिर्मित मॉडल थाना भवन में ले जाया गया। पीड़ितों का आरोप है कि वहां एक कमरे का दरवाजा बंद कर उनके साथ लाठी, जूते और थप्पड़ से मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उन्हें पटक-पटककर पीटने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिसकर्मियों पर गाली-गलौज और मोबाइल लेने का आरोप
तीनों युवकों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान अभय कुमार, राजू कुमार, सुमन कुमार पासवान, एक चौकीदार समेत अन्य पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे। पीड़ितों ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। सौरभ झा के मुताबिक, उन्होंने थाना प्रभारी से फोन पर बात करने का प्रयास किया था। इसी दौरान मुंशी लव कुमार ने उनका मोबाइल ले लिया। आरोप है कि पारस चौधरी और सिकेन्द्र पासवान के मोबाइल फोन भी ले लिए गए और उन्हें रात में वापस करने की बात कही गई।
₹20 हजार मांगने और ₹3,300 लेने का दावा
पीड़ितों के मुताबिक, उन्हें छोड़ने से पहले कथित तौर पर ₹20 हजार की मांग की गई। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर FIR दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई। सौरभ झा का दावा है कि उनके पास उस समय ₹2 हजार नकद थे। इसके अलावा कपड़े की दुकान से ₹500 और पान की दुकान से ₹800 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए। इस तरह कुल ₹3,300 लेने का आरोप लगाया गया है।
अस्पताल में कराया इलाज, सबूत होने का दावा
मारपीट के बाद तीनों युवकों ने 13 सितंबर को रेफरल अस्पताल राघोपुर में इलाज कराया। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास इलाज से जुड़े मेडिकल कागजात, चोट के फोटो और वीडियो के साथ-साथ ऑनलाइन भुगतान के प्रमाण भी मौजूद हैं। उन्होंने मामले की जांच के दौरान थाना के GD और ड्यूटी रिकॉर्ड, CCTV फुटेज तथा मेडिकल रिपोर्ट को शामिल करने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
SDPO ने कहा- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मामले को लेकर सोमवार रात वीरपुर SDPO पवन कुमार ने कहा कि उन्हें घटनाक्रम की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पीड़ित उनसे मिलने भी आए थे। SDPO के अनुसार, मामले में जो भी पुलिस पदाधिकारी या पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले में पीड़ितों की शिकायत और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध CCTV, मेडिकल दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर होगी।