BNT Desk: पटना जिले में 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत होने जा रही है। यह अभियान 17 अक्टूबर 2026 तक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। अभियान को प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के लिए जिलाधिकारी कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर जरूरी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। अभियान के तहत जिले में सेवा, सामाजिक सहभागिता, जागरूकता, स्वच्छता और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी अभियान की शुरुआत
‘सेवा संकल्प अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके तहत पटना जिले के प्रमुख और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, सद्भाव और सामाजिक सहभागिता का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अभियान की शुरुआत को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।
स्कूलों में होंगी चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं
अभियान के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जिले के विद्यालयों में कई रचनात्मक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘विकसित भारत की संकल्पना’ विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इसके साथ ही स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी PTM भी आयोजित की जाएगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाना तथा विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक विषयों को लेकर जागरूकता पैदा करना है। सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके जरिए सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश होगी।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन का उत्सव’
25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन का उत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें माताओं और बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और माताओं तक पहुंचने वाली सेवाओं तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इस दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर रहेगा।
‘सेवा सेतु’ के तहत लगेगा ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम होगा। इसके तहत प्रखंड और पंचायत स्तर पर ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराना है। स्थानीय स्तर पर शिविर लगाए जाने से लोगों को सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी और सुविधाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। संबंधित पदाधिकारियों को अभियान के दौरान निर्धारित कार्यक्रमों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 तरह की गतिविधियां
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ी कई गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसमें तालाबों और छठ घाटों की सफाई, पौधरोपण तथा स्वच्छता से संबंधित कुल 25 प्रकार की गतिविधियां शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी सेवा और स्वच्छता अभियान से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। खासकर सार्वजनिक स्थानों, तालाबों और छठ घाटों की साफ-सफाई को लेकर सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।
युवाओं और स्टार्टअप्स की भी होगी भागीदारी
अभियान में युवाओं और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के जरिए युवाओं को सामाजिक भागीदारी, नवाचार और विकास से जुड़े कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन की योजना है कि अभियान केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों की सक्रिय भागीदारी हो।
मार्च 2027 तक चलेगा ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’
मुख्य ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा, लेकिन इसके साथ ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ को मार्च 2027 तक संचालित किया जाएगा। इस लंबे अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज समेत विभिन्न विभागों के विकासात्मक कार्यों को गति देने की योजना है। जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने इन सभी कार्यक्रमों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया है। उन्होंने उप विकास आयुक्त शुभम कुमार को अभियान के तहत होने वाले सभी कार्यक्रमों की निगरानी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रशासन का फोकस अभियान की गतिविधियों को तय समय के भीतर पूरा करने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता बनाए रखने पर रहेगा। अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों को जमीन पर लागू करने की तैयारी की जा रही है। पटना जिले में शुरू होने वाला यह अभियान एक महीने तक चलने वाले मुख्य कार्यक्रमों के साथ अगले वर्ष मार्च तक चलने वाले कायाकल्प अभियान से भी जुड़ा है। ऐसे में आने वाले महीनों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से संबंधित कई गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।