BNT Desk: कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड की रौतारा पंचायत से बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के पूर्वी हिस्से में प्राथमिक विद्यालय नहीं होने के कारण सैकड़ों बच्चों को हर दिन रेलवे ट्रैक पार कर रौतारा माध्यमिक विद्यालय जाना पड़ता है। इस दौरान उनकी जान हमेशा खतरे में रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार स्टेशन पर ट्रेन लंबे समय तक खड़ी रहती है। ऐसे में बच्चे जल्दी स्कूल पहुंचने के लिए ट्रेन के नीचे से निकलकर दूसरी ओर चले जाते हैं। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
फुट ओवरब्रिज होने के बाद भी नहीं मिल रही सुविधा
रौतारा रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज बनाया गया है, लेकिन उससे जुड़ने वाला रास्ता आसान नहीं है। वहीं रेलवे फाटक भी काफी दूर है। ऐसे में बच्चे और ग्रामीण समय बचाने के लिए सीधे रेलवे पटरी पार करना ही बेहतर समझते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फुट ओवरब्रिज तक पहुंचने का रास्ता बेहतर बनाया जाए या सुरक्षित आवागमन की दूसरी व्यवस्था हो, तो रेलवे ट्रैक पार करने की मजबूरी खत्म हो सकती है।
कई टोले के बच्चे रोज करते हैं रेलवे लाइन पार
रौतारा पंचायत के पूर्वी हिस्से में मंडल टोला, भूमिहीन कॉलोनी, साह टोला, बरकत चौक, याकूब टोला, आदिवासी टोला, हाजी टोला, शेख टोला, पासवान टोला, बंगाली ब्राह्मण टोला, मतपोखर और धनगामा सहित कई बस्तियां हैं। इन इलाकों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। इन सभी बस्तियों में प्राथमिक विद्यालय नहीं है। इसलिए छोटे बच्चों को भी पढ़ाई के लिए रेलवे लाइन पार कर रौतारा माध्यमिक विद्यालय जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने उठाई प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग
स्थानीय निवासी मोहम्मद नसीरुद्दीन और आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि पंचायत की बड़ी आबादी रेलवे लाइन के पूर्वी हिस्से में रहती है, जबकि स्कूल और राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरी ओर हैं। प्राथमिक विद्यालय नहीं होने से छोटे-छोटे बच्चों को रोज रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत के पूर्वी क्षेत्र में जल्द प्राथमिक विद्यालय खोला जाए, ताकि बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल न जाना पड़े।
छात्राओं ने सुनाई अपनी परेशानी
विद्यालय की छात्राएं नाजिया परवीन और सायना परवीन ने बताया कि गांव में प्राथमिक विद्यालय नहीं होने के कारण उन्हें रोज रेलवे पटरी पार करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल करना आसान नहीं है, क्योंकि उस पर चढ़ने और उतरने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि कई बार मालगाड़ी खड़ी रहने पर बच्चे ट्रेन के नीचे से निकलकर दूसरी ओर जाते हैं। इस दौरान हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। छात्राओं ने भी गांव में प्राथमिक विद्यालय खोलने और सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीण बोले- समय रहते उठाए जाएं जरूरी कदम
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रौतारा पंचायत के पूर्वी हिस्से में प्राथमिक विद्यालय खोला जाए। साथ ही रेलवे लाइन पार करने के लिए सुरक्षित और आसान आवागमन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चे बिना किसी डर के स्कूल जा सकें।