पटना: दिवंगत EO विनय कुमार के परिजनों से मिले पप्पू यादव, CBI जांच और ₹2 करोड़ मुआवजे की मांग

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BNT Desk: रोहतास के डेहरी ऑन सोन नगर परिषद के दिवंगत कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विनय कुमार के दानापुर स्थित आवास पर सांसद पप्पू यादव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और परिवार को हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने इस मामले की CBI जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से मृतक के परिजनों को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की।

 

‘विधानसभा और संसद में उठाएंगे मामला’

पप्पू यादव ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और संसद का सत्र चलता है तो वह इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और केंद्र सरकार से भी CBI जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई संभव होगी।

 

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

सांसद ने दावा किया कि विनय कुमार के बेटे ने उनसे कहा, “अंकल, मेरे पापा को तड़पा-तड़पा कर मारा गया है।” वहीं, विनय कुमार की पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति को लगातार धमकियां मिल रही थीं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

 

जांच के कई बिंदुओं पर उठाए सवाल

पप्पू यादव ने कहा कि इस मामले में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब मिलना जरूरी है। उन्होंने पूछा कि यदि पहले से शिकायतें मिल रही थीं तो उन पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।उन्होंने जांच एजेंसियों से ड्राइवर की भूमिका, उसकी मोबाइल लोकेशन, घटनास्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों और कथित तौर पर नहर की ओर ले जाने से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करने की मांग की।

 

‘दोषियों को मिले कड़ी सजा’

सांसद ने कहा कि पूरे मामले की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिले। उन्होंने दोहराया कि यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए सरकार को इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

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