BNT Desk: पटना के प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से एएन कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र में शुरू हो गई। शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती से हुई, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के वोटों की गिनती शुरू कर दी गई। शुरुआती रुझानों में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बढ़त बना ली है, जबकि भाजपा दूसरे और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) तीसरे स्थान पर चल रही है।
इस उपचुनाव को बिहार की राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर सीधे चुनाव मैदान में हैं। वहीं, भाजपा अपने 30 साल पुराने गढ़ को बचाने की चुनौती का सामना कर रही है।
पहले राउंड में किसे मिले कितने वोट
पहले राउंड की मतगणना में जनसुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को सबसे अधिक वोट मिले हैं।
पहले राउंड के अनुसार—
- प्रशांत किशोर (जनसुराज) – 2,120 वोट
- नीरज सिन्हा (भाजपा) – 1,393 वोट
- रेखा गुप्ता (राजद) – 501 वोट
हालांकि यह केवल शुरुआती रुझान हैं। अभी 30 राउंड की गिनती बाकी है, इसलिए अंतिम नतीजे में बड़ा बदलाव संभव है।
31 राउंड में होगी पूरी मतगणना
निर्वाचन आयोग के अनुसार मतगणना 14 टेबल पर कराई जा रही है। सभी मतों की गिनती कुल 31 राउंड में पूरी होगी। हर राउंड के बाद परिणाम अपडेट किए जाएंगे और अंत में विजेता की घोषणा होगी।
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। पूरे परिसर की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की जा रही है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा में चूक न हो।
25 उम्मीदवार मैदान में
बांकीपुर उपचुनाव में कुल 25 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि मुख्य मुकाबला जनसुराज के प्रशांत किशोर, भाजपा के नीरज सिन्हा और राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता के बीच माना जा रहा है।
इस चुनाव पर पूरे बिहार की नजर बनी हुई है। खास बात यह है कि यह चुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की ताकत और जनाधार की भी परीक्षा माना जा रहा है।
भाजपा ने पहले से की जीत की तैयारी
मतगणना शुरू होने से पहले ही भाजपा नेताओं ने जीत का भरोसा जताया था। पार्टी कार्यकर्ता जश्न की तैयारियों में जुट गए थे। भाजपा नेता कल्लू ने जीत की उम्मीद में 200 किलो लड्डू बनवाए हैं। पार्टी का दावा है कि बांकीपुर सीट पर भाजपा की जीत का सिलसिला इस बार भी जारी रहेगा।
हालांकि शुरुआती रुझानों में प्रशांत किशोर की बढ़त ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
30 साल से भाजपा का गढ़ रही है बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। पहले नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा यहां से विधायक चुने जाते रहे और बाद में उनके बेटे नितिन नवीन ने इस सीट पर भाजपा की जीत का सिलसिला कायम रखा।
लगातार तीन दशक तक इस सीट पर भाजपा को कोई भी दल पराजित नहीं कर सका। यही वजह है कि इस उपचुनाव को भाजपा की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्यों हो रहा है उपचुनाव
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बांकीपुर सीट से विधायक चुने गए थे। बाद में उनके राज्यसभा सदस्य बनने के कारण उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हो गई और निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव कराने का फैसला लिया।
इस बार के उपचुनाव में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने खुद चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया है। शुरुआती रुझानों में उन्हें बढ़त मिलने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
अब सभी की नजर अगले राउंड की मतगणना पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशांत किशोर अपनी शुरुआती बढ़त को अंत तक बरकरार रख पाते हैं या फिर भाजपा अपने 30 साल पुराने गढ़ को बचाने में सफल होती है। वहीं, राजद भी आगे के राउंड में वापसी की उम्मीद लगाए हुए है। अंतिम नतीजे आने तक बांकीपुर की सियासी तस्वीर लगातार बदल सकती है।