BNT Desk: बहुचर्चित भरतभूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में करीब 45 दिन बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। मामले में भरतभूषण तिवारी को पहली गोली मारने वाले STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राज ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इस गिरफ्तारी के बाद मृतक के परिवार ने राहत जताई है और कहा है कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद पहले से ज्यादा मजबूत हुई है।
परिवार ने कहा- यह न्याय की दिशा में बड़ा कदम
अक्षय कुमार की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही भरतभूषण तिवारी के घर पर लोगों का आना-जाना शुरू हो गया। परिवार के सदस्यों ने इसे लंबे इंतजार के बाद मिली राहत बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक इस मामले में शामिल सभी दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और उन्हें कानून के मुताबिक सजा नहीं मिलती, तब तक वे न्याय की मांग करते रहेंगे।
मां ने कहा- मुख्यमंत्री के भरोसे पर था विश्वास
मृतक की मां आशा देवी ने कहा कि उन्हें शुरू से भरोसा था कि एक दिन सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान उन्हें आश्वासन मिला था कि इस मामले में किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा।
आशा देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। आज की गिरफ्तारी से उनका विश्वास और मजबूत हुआ है, लेकिन अभी पूरी तरह न्याय मिलना बाकी है।
दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग
आशा देवी ने कहा कि बेटे की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके बेटे की जान गई, उसे उनका परिवार कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने सरकार और न्यायपालिका से मांग की कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उनके मुताबिक दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पिता बोले- देर से सही, लेकिन सही कार्रवाई हुई
भरतभूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने भी गिरफ्तारी पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि परिवार शुरू से ही निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। उनके अनुसार यह कार्रवाई देर से हुई, लेकिन सही दिशा में हुई है। अब उन्हें उम्मीद है कि जांच एजेंसियां बिना किसी दबाव के आगे की जांच करेंगी और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आएगी।
पहले भी हुई थी प्रशासनिक कार्रवाई
यह मामला शुरू से ही चर्चा में रहा है। एनकाउंटर के बाद परिजनों ने इसे फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामला बढ़ने पर प्रशासन ने कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई भी की थी।
इससे पहले तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार और तत्कालीन एसडीएम संजीव कुमार को पटना लाइन हाजिर किया गया था। हालांकि परिवार का कहना था कि सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई काफी नहीं है। घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री से मिलकर लगाई थी न्याय की गुहार
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी परिवार लगातार न्याय की मांग करता रहा। इसी दौरान आशा देवी, काशीनाथ तिवारी और परिवार के अन्य सदस्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले थे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा और कानून अपना काम करेगा। इसके बाद परिवार ने उम्मीद जताई थी कि जल्द ही मामले में बड़ी कार्रवाई होगी। अब STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी को उसी प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
इलाके में फिर तेज हुई चर्चा
अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच अब सही दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
वहीं, परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष को फंसाना नहीं है। वे सिर्फ चाहते हैं कि असली दोषियों की पहचान हो और उन्हें कानून के मुताबिक सजा मिले। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
आगे और तेज हो सकती है जांच
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो सकती है। अब पुलिस गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और दूसरे सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी को भरतभूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पीड़ित परिवार इसे न्याय की दिशा में अहम कदम मान रहा है। हालांकि उनका कहना है कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक इस मामले के सभी दोषियों को अदालत से उचित सजा नहीं मिल जाती। पूरे प्रदेश की नजर अब इस मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है।