बिहार में छात्रों का आंदोलन अब केवल एक जिले तक सीमित नहीं रह गया है। राजधानी पटना से लेकर सीवान, जहानाबाद, कटिहार, बेगूसराय, दरभंगा और कई अन्य जिलों तक विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। हालात ऐसे बने कि कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई, लाठीचार्ज किया गया, हवाई फायरिंग हुई और कुछ स्थानों पर गोली लगने की घटनाएं भी सामने आईं।
इस आंदोलन की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों में कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों को लेकर हुई थी। बाद में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी इस आंदोलन को समर्थन देते हुए बिहार में बड़े स्तर पर प्रदर्शन का आह्वान किया, जिसके बाद कई जिलों में आंदोलन और तेज हो गया।

सीवान में प्रदर्शन के दौरान तीन छात्रों को लगी गोली
सीवान में प्रदर्शन के दौरान हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के दौरान फायरिंग की घटना हुई, जिसमें तीन छात्रों के गोली लगने की खबर सामने आई। पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पहले हवाई फायरिंग की गई, जबकि स्थानीय लोगों और आंदोलनकारियों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान छात्रों को गोली लगी। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।

पटना में डाकबंगला चौराहा बना आंदोलन का केंद्र
राजधानी पटना में हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान और कई प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। कुछ जगहों पर पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आईं।
जहानाबाद में भी हिंसक झड़प
जहानाबाद में डीएम आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पुलिस का आरोप है कि भीड़ की ओर से पत्थरबाजी की गई, जिसके बाद हालात बिगड़ने पर फायरिंग की गई। इस घटना ने आंदोलन को और अधिक उग्र बना दिया।
कटिहार, बेगूसराय और अन्य जिलों में भी प्रदर्शन
कटिहार में छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जबकि बेगूसराय में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया गया। कई जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर निगरानी बढ़ाई गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। जगह-जगह धरना, प्रदर्शन और नारेबाजी का दौर चलता रहा।
कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री से आंदोलन को मिली नई दिशा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बिहार में भी आंदोलन का विस्तार करने का फैसला किया। पार्टी ने छात्रों के समर्थन में राज्यव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया और परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई। पार्टी की ओर से बिहार बंद और विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की घोषणा भी की गई।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
सीवान सहित कई जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित किया। संवेदनशील इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। डीएम और एसपी ने फ्लैग मार्च निकाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
विधानसभा तक पहुंचा मामला
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में भी छात्र आंदोलन का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए, जबकि सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों का बचाव किया। कई विधायकों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी छात्र लगातार कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं—
- परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार।
- पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच।
- दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई।
- छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग।
- पुलिस कार्रवाई और फायरिंग की न्यायिक जांच।
- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
आगे क्या?
सीवान में गोली लगने की घटना के बाद आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। कई छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी ने आगामी दिनों में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है। दूसरी ओर प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर रहा है। फिलहाल पूरे बिहार की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई पर क्या अगला फैसला लेती है।