बिहार: भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन; इंजीनियर गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर EOU की छापेमारी, 2 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी सिलसिले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक बड़े अधिकारी पर शिकंजा कसा है। झाझा (जमुई) के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) गोपाल कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।

शुरुआती जांच और पुख्ता सबूत मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने पटना और जमुई में इंजीनियर के चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

कमाई से 81% अधिक संपत्ति का आरोप

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को अपने खुफिया सूत्रों से इंजीनियर गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने की शिकायत मिली थी। जब जांच टीम ने इन जानकारियों का सत्यापन किया, तो मामला सही पाया गया। इसके बाद EOU थाने में कांड संख्या-08/26 (दिनांक 15 मई 2026) के तहत मामला दर्ज किया गया।

सरकारी आंकड़ों और जांच के मुताबिक, कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार ने अपनी वैध कमाई से करीब 2 करोड़ 61 हजार रुपये अधिक की संपत्ति बनाई है। यह राशि उनकी वैध आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक है। इतनी बड़ी विसंगति पाए जाने के बाद ही विभाग ने कोर्ट का रुख किया।

विशेष कोर्ट से वारंट लेकर एक साथ 4 ठिकानों पर रेड

प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बाद, आर्थिक अपराध इकाई ने पटना की माननीय विशेष न्यायालय निगरानी से सर्च वारंट (तलाशी का आदेश) प्राप्त किया। शुक्रवार की सुबह पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया और एक साथ पटना और जमुई में छापेमारी शुरू की गई।

जिन प्रमुख ठिकानों पर यह कार्रवाई चल रही है, उनमें शामिल हैं:

  • जगत विला अपार्टमेंट: पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित ज्योतिपुरम इलाके में मौजूद फ्लैट।

  • कंकड़बाग आवास: पटना के पूर्वी इंदिरा नगर, रोड नंबर-4 स्थित इंजीनियर का निजी आवास।

  • जमुई का किराये का घर: जमुई जिले में केकेएम कॉलेज के पास स्थित उनका किराये का आवास।

  • झाझा कार्यालय: जमुई के झाझा में स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल का उनका सरकारी कार्यालय।

 

बैंक खाते, जमीन के कागजात और निवेश की जांच जारी

छापेमारी के दौरान EOU की टीमें बेहद बारीकी से जांच कर रही हैं। इंजीनियर के ठिकानों से संपत्ति के दस्तावेज, बैंक खातों की पासबुक, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), शेयर और अन्य वित्तीय निवेशों से जुड़े कागजात खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री के पेपर्स की भी पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज और बेनामी संपत्ति के सुराग हाथ लगे हैं। हालांकि, आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों का कहना है कि पूरी सर्च वाॅरंट की प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही बरामद की गई नकदी, जेवरात या कुल संपत्ति का आधिकारिक ब्योरा जारी किया जाएगा।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। ये धाराएं लोक सेवकों द्वारा पद का दुरुपयोग कर अवैध धन कमाने से जुड़ी हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस छापेमारी की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद सरकार गोपाल कुमार को सेवा से निलंबित (Suspend) कर सकती है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी।

प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में मंचा हड़कंप

बिहार में पिछले कुछ समय से लगातार भ्रष्ट इंजीनियरों और अफसरों पर हो रही इस तरह की कार्रवाई से यह साफ है कि सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। गोपाल कुमार पर हुए इस बड़े एक्शन के बाद ग्रामीण कार्य विभाग के अन्य अधिकारियों में भी डर का माहौल है। फिलहाल पूरी कार्रवाई पर राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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