पटना: फतुहा प्रखंड परिसर में वट सावित्री पूजा के दौरान बरगद के पेड़ में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

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BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना के फतुहा प्रखंड कार्यालय परिसर से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ शनिवार को वट सावित्री पूजा के पावन अवसर पर एक प्राचीन बरगद के पेड़ में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पूरे प्रखंड परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया। शनिवार सुबह से ही इस ऐतिहासिक बरगद पेड़ के पास सैकड़ों सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखने और पूजा-अर्चना करने के लिए जुटी हुई थीं।

दीये की लौ से धागों ने पकड़ी आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुहागिन महिलाएं पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पति की लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की प्रार्थना करते हुए बरगद के पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत (धागा) लपेटकर परिक्रमा कर रही थीं। इसी दौरान पेड़ के नीचे पूजा के लिए जलाए गए घी के दीये की तेज लौ वहां बंधे सूखे सूती धागों के संपर्क में आ गई। कच्चा सूत बेहद ज्वलनशील होने के कारण आग ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया।

धू-धू कर जला पेड़, महिलाओं में मची चीख-पुकार

पेड़ के मोटे तने पर परिक्रमा के दौरान सैकड़ों की संख्या में सूती धागे लपेटे गए थे, जिसकी वजह से आग बहुत तेजी से ऊपर की ओर फैल गई। पेड़ को धू-धू कर जलता देख और आग की ऊंची लपटें उठती देख वहां पूजा कर रही महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। अपनी जान बचाने के लिए महिलाएं पूजा की थाली और अन्य सामग्रियां वहीं छोड़कर पीछे की तरफ भागने लगीं। कुछ ही मिनटों में पूरा पूजा स्थल धुएं के गुबार से घिर गया।

स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टली बड़ी त्रासदी

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी महिलाएं और श्रद्धालु सुरक्षित दूरी पर हट गए थे, जिसके कारण किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या झुलसने की खबर नहीं है। आग को बढ़ता देख प्रखंड परिसर में मौजूद स्थानीय युवकों और दुकानदारों ने तुरंत मोर्चा संभाला। लोगों ने बाल्टियों से पानी डालना शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक बरगद के पेड़ का निचला हिस्सा, तना और वहां रखी पूजा की सामग्री जलकर पूरी तरह राख हो चुकी थी। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से पूजा के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की है।

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