बिहार: पटना हाई कोर्ट में फिजिकल सुनवाई पूरी तरह बंद, 18 मई से ऑनलाइन होंगे न्यायिक कार्य

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप को देखते हुए पटना हाई कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। कोर्ट प्रशासन ने वकीलों, न्यायिक कर्मचारियों और आम जनता (पक्षकारों) को राहत देने के लिए फिजिकल कोर्ट को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। नए आदेश के मुताबिक, 18 मई 2026 से लेकर 4 जून 2026 तक हाई कोर्ट में सूचीबद्ध (Listed) सभी मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन की जाएगी।

फिजिकल सुनवाई पूरी तरह बंद, वर्चुअल व्यवस्था लागू

इस निर्धारित अवधि के दौरान पटना हाई कोर्ट के परिसरों में किसी भी प्रकार की फिजिकल (भौतिक) सुनवाई नहीं होगी। सभी पीठ (Benches) केवल वर्चुअल मोड में ही काम करेंगी। कोर्ट ने साफ किया है कि मौसम की गंभीर स्थिति और लू (Heatwave) के प्रकोप से सबको बचाने के लिए यह अस्थायी व्यवस्था लागू की गई है। इस कदम से कोर्ट परिसर में आने वाले हजारों लोगों को चिलचिलाती धूप में यात्रा करने से मुक्ति मिलेगी।

वेबसाइट पर मिलेगा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का लिंक

हाई कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, वकीलों और पक्षकारों की सहूलियत के लिए हर बेंच का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक दैनिक कॉज लिस्ट (Cause List) के साथ कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस लिंक पर क्लिक करके अधिवक्ता और केस से जुड़े लोग अपने घर या दफ्तर से ही आसानी से ऑनलाइन सुनवाई का हिस्सा बन सकेंगे।

ऑनलाइन कोर्ट के लिए सख्त SOP: 

भले ही सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से होगी, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इसे नियमित न्यायिक प्रक्रिया के समान ही माना जाएगा। फिजिकल कोर्ट के सभी नियम वर्चुअल कोर्ट पर भी पूरी तरह लागू रहेंगे।

  • ड्रेस कोड: वकीलों के लिए पेशेवर ड्रेस (Professional Dress) पहनकर बैठना अनिवार्य होगा।

  • कैमरा ऑन: सुनवाई के दौरान वकीलों और संबंधित पक्षों को अपना कैमरा चालू रखना होगा।

  • अनुशासन: बिना अनुमति के कोर्ट की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुनवाई के दौरान मोबाइल को साइलेंट या एयरप्लेन मोड पर रखना होगा। अनुचित व्यवहार या अनुशासनहीनता करने पर यूजर को तुरंत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रिमूव (हटा) कर दिया जाएगा।

 

E-Filing अनिवार्य,

नए नियमों के तहत अब इस अवधि में सभी नए मामलों की ई-फाइलिंग करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी वकील द्वारा दायर की गई याचिका या दस्तावेजों में कोई त्रुटि (गलती) पाई जाती है, तो उसकी सूचना सीधे संबंधित अधिवक्ता को ईमेल के जरिए दी जाएगी। उस गलती को सुधारने (Defect Removal) की पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही संपन्न की जाएगी।

भीड़ नियंत्रण और तकनीकी टीम को विशेष निर्देश

हाई कोर्ट ने संक्रमण और गर्मी दोनों से बचाव के लिए परिसर में अनावश्यक भीड़ को रोकने के निर्देश दिए हैं। वकीलों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने साथ क्लर्कों की न्यूनतम उपस्थिति ही रखें। मोशन बेंच सहित सभी प्रकार के मामलों की सुनवाई

वर्चुअल माध्यम से ही होगी। इस पूरी ऑनलाइन व्यवस्था को बिना किसी तकनीकी रुकावट के चलाने के लिए कोर्ट मास्टर और तकनीकी सहायकों को सुबह 8 बजे से ही सभी तकनीकी इंतजाम दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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