बिहार: मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन का DPR तैयार; से बदलेगी उत्तर बिहार की सूरत, जानें रूट मैप

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BNT Desk: बिहार में सड़क नेटवर्क को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुजफ्फरपुर से बरौनी के बीच प्रस्तावित महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना अब धरातल पर उतरने के करीब है। इस परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) पूरी तरह तैयार कर लिया गया है और इसे अंतिम मुहर के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दिया गया है। यह सड़क न केवल मुजफ्फरपुर और बेगूसराय को जोड़ेगी, बल्कि उत्तर बिहार से बंगाल जाने वाले ट्रैफिक के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी।

परियोजना की लागत और विस्तार

लगभग 100 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क के निर्माण पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। यह राशि सड़क निर्माण, पुल-पुलियों के ढांचे और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं पर व्यय की जाएगी।

NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना के डीपीआर को तैयार करने में काफी सावधानी बरती गई है। शुरुआत में यह केवल एक साधारण फोरलेन सड़क थी, लेकिन बाद में मुजफ्फरपुर के ट्रैफिक लोड को देखते हुए इसमें रामदयालु रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को भी शामिल किया गया है, ताकि शहर के भीतर जाम की स्थिति न बने।

50 किलोमीटर की बचत

इस नई सड़क के बनने से सबसे बड़ा फायदा समय और दूरी की बचत के रूप में होगा।

  • वर्तमान स्थिति: अभी मुजफ्फरपुर से पूर्णिया या बंगाल जाने के लिए लोगों को दरभंगा फोरलेन का सहारा लेना पड़ता है, जिससे लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।

  • नया विकल्प: मुजफ्फरपुर (चांदनी चौक) से बरौनी तक फोरलेन बनने के बाद यह दूरी घटकर 250 किलोमीटर रह जाएगी। यानी सीधे तौर पर 50 किलोमीटर की बचत होगी। इससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।

रूट और प्रमुख संरचनाएं

यह सड़क मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक से शुरू होकर बरौनी तक जाएगी। रास्ते में आने वाले भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए एलिवेटेड स्ट्रक्चर (हवा में उड़ती सड़कें) बनाए जाएंगे।

प्रमुख निर्माण कार्य:

  • एलिवेटेड रोड: ताजपुर कोल्ड स्टोरेज, मुसरीघरारी और दलसिंहसराय चौक जैसे व्यस्त इलाकों में एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा।

  • पुल-पुलिया: पूरी परियोजना के दौरान छोटे-बड़े मिलाकर 20 से अधिक पुलों का निर्माण किया जाएगा।

  • आरओबी: रामदयालु के पास एक बड़ा ओवरब्रिज बनाया जाएगा।

दो महीने में शुरू हो सकती है टेंडर प्रक्रिया

NHAI मुख्यालय में डीपीआर पहुंचने के बाद अब तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय स्तर पर प्रस्ताव की बारीकी से समीक्षा की जाती है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो अगले दो महीनों के भीतर इसके निर्माण के लिए टेंडर (निविदा) जारी कर दिए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही एजेंसी का चयन कर काम शुरू कर दिया जाएगा।

विकास और रोजगार को मिलेगी संजीवनी

यह फोरलेन सड़क केवल आवागमन का जरिया नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का गलियारा (Economic Corridor) बनेगी।

  1. क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: मुजफ्फरपुर के कई ग्रामीण प्रखंडों को मुख्य सड़क से सीधा जुड़ाव मिलेगा।

  2. व्यापार को बढ़ावा: मुजफ्फरपुर की मंडी और बरौनी के औद्योगिक क्षेत्र के बीच माल ढुलाई आसान और सस्ती हो जाएगी।

  3. रोजगार: निर्माण कार्य के दौरान और बाद में सड़क किनारे नए ढाबे, पेट्रोल पंप और लॉजिस्टिक्स हब खुलने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन बिहार के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उत्तर बिहार से लेकर सीमांचल और पश्चिम बंगाल तक का सफर अब आसान, सुरक्षित और तेज होने वाला है। स्थानीय निवासी लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे, जो अब हकीकत में बदलती दिख रही है।

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