BNT Desk: बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपने इरादे साफ कर दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे सम्राट चौधरी ने न केवल परिसर का गहन निरीक्षण किया, बल्कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों—विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव—तथा मुख्य सचिव समेत सभी वरीय अधिकारियों के साथ लंबी मंत्रणा की।
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और अनुशासन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक प्रशासन को पूरी दृढ़ता और अनुशासन के साथ काम करना होगा। किसी भी स्तर पर अनैतिक कार्यों के लिए कोई जगह नहीं होगी।
‘दोगुनी गति’ से काम और फाइल कल्चर का अंत
बैठक में मुख्यमंत्री ने पांच सूत्री दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों को लटकाने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी।
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अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे दोगुनी गति से काम करें।
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जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से होना चाहिए।
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मुख्यालय स्तर से लेकर थाना स्तर तक किसी भी काम को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
भूमि विवाद का निपटारा: 60-70% विवादों की जड़ पर प्रहार
बिहार में होने वाले अपराधों और आपसी झगड़ों का सबसे बड़ा कारण भूमि विवाद है। मुख्यमंत्री ने इस पर विशेष ध्यान देते हुए कहा:
“राज्य में 60 से 70 प्रतिशत आपसी विवाद भूमि संबंधी समस्याओं के कारण होते हैं। इन समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को सरल बनाएं ताकि जनता को जटिलताओं का सामना न करना पड़े। कार्यों का निपटारा जल्द से जल्द करें ताकि लोग परेशान न हों।”
उन्होंने प्रखण्ड (Block), अंचल और थानों में आम जनता को समय पर सुविधा मिले, यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
सुशासन की निरंतरता: सात निश्चय-3 पर फोकस
बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने बहुत विकास किया है।
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सात निश्चय-1 और 2: इन योजनाओं के तहत हुए कार्यों ने राज्य की प्रगति को नई दिशा दी है।
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सात निश्चय-3: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वर्ष 2025 में लागू किए गए सात निश्चय-3 पर अब पूरी तेजी से काम करना है।
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प्रगति यात्रा: यात्रा के दौरान घोषित की गई 430 योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशीलता और जन-संवाद
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से अपील की कि वे जनता के प्रति संवेदनशील रहें। शासन का मुख्य लक्ष्य जनता की खुशहाली होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने खुद भी इसकी शुरुआत करते हुए सचिवालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जनता के प्रति उत्तरदायी बनने की नसीहत दी।
गुरु दरबार में मत्था और आस्था का संदेश
प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी आध्यात्मिक जड़ों से भी जुड़े नजर आए। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब (गुरु दरबार) पहुंचे। वहां उन्होंने मत्था टेका और बिहार की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। उनकी इस यात्रा को ‘सर्वधर्म समभाव’ और नए बिहार के निर्माण के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है।