एक्शन मोड में ‘सम्राट चौधरी’: शपथ के 12 घंटे के भीतर सचिवालय पहुंचे सीएम, अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार की सियासत में ‘सम्राट युग’ की शुरुआत होते ही शासन व्यवस्था में जबरदस्त फुर्ती देखने को मिल रही है। राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के महज 12 घंटे के भीतर सम्राट चौधरी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। गुरुवार सुबह-सुबह मुख्यमंत्री सीधे सचिवालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने शासन की कमान मजबूती से थामने के संकेत दे दिए हैं।

सुबह-सुबह सचिवालय में हलचल: अधिकारियों को कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को सुबह ही सचिवालय पहुंच गए। मुख्यमंत्री बनने के बाद अधिकारियों के साथ यह उनकी दूसरी बड़ी बैठक है। इस बैठक में सभी विभागों के प्रधान सचिव मौजूद रहे।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • प्रशासनिक समीक्षा: मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे और वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली।

  • लंबित योजनाएं: अधिकारियों से उन प्रोजेक्ट्स का ब्यौरा मांगा गया है जो लंबे समय से रुके हुए हैं।

  • विकास का रोडमैप: माना जा रहा है कि सीएम ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक से यह साफ हो गया है कि नई सरकार शुरुआती दिनों में ही कामकाज की गति को दोगुना करना चाहती है।

डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने संभाला मोर्चा

एक ओर जहाँ मुख्यमंत्री सचिवालय में बैठक कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भी औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया है।

  • वे सुबह सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग पहुंचे।

  • वहां उन्होंने पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक की और विभागीय कामकाज की विस्तृत जानकारी ली।

  • उम्मीद है कि दूसरे डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव भी आज ही अपना कार्यभार संभाल लेंगे।

पुरानी दोस्ती और नई रणनीति: देर रात तक चली मुलाकातों का दौर

बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर राजनीतिक गहमागहमी बनी रही। शपथ ग्रहण के बाद पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा समेत भाजपा और जेडीयू के कई वरिष्ठ नेताओं ने सम्राट चौधरी से मुलाकात की।

जानकारों का मानना है कि इन मुलाकातों में न केवल नई सरकार के बीच समन्वय (Coordination) पर चर्चा हुई, बल्कि भविष्य में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा पर भी अनौपचारिक बातचीत की गई है। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी सहयोगियों को साधते हुए बेहतर शासन देना है।

विभागों का गणित: फिलहाल तीन कंधों पर 47 विभागों का बोझ

बिहार में फिलहाल मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार नहीं हुआ है, इसलिए पूरी सरकार तीन चेहरों के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है।

पद नाम विभागों की संख्या मुख्य विभाग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 29 गृह, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, कृषि
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी 10 जल संसाधन, जेडीयू कोटे के विभाग
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव 08 ऊर्जा, पुराने जेडीयू विभाग

यह व्यवस्था अस्थायी है। जैसे ही नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा, इन विभागों का पुनर्वितरण कर दिया गया जाएगा। तब तक सम्राट चौधरी ‘सुपर सीएम’ की भूमिका में गृह समेत 29 महत्वपूर्ण मंत्रालयों को लीड करेंगे।

जनता की उम्मीदें और सरकार की चुनौतियां

बिहार की नई सरकार के सामने रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था में सुधार लाने की बड़ी जिम्मेदारी है। सम्राट चौधरी का शपथ के तुरंत बाद सक्रिय होना यह दिखाता है कि वे जनता के बीच ‘डिलीवरी’ के संदेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। सचिवालय की इस बैठक में मुख्यमंत्री अधिकारियों से यह स्पष्ट कर सकते हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बड़ी बैठक के बाद प्रशासनिक स्तर पर क्या बड़े बदलाव या फेरबदल देखने को मिलते हैं।

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