SC/ST Act के तहत गया में 288 पीड़ितों को मिले 209 लाख, 12 आश्रितों को मिली सरकारी नौकरी

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BNT Desk: गया के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और उनके साथ होने वाले किसी भी अन्याय को रोकने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है। मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जिला सतर्कता व मॉनिटरिंग समिति की बैठक में डीएम ने साफ लहजे में कहा कि एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत दर्ज मामलों का निष्पादन और पीड़ितों को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सख्त कार्रवाई और त्वरित न्याय का संकल्प

बैठक के दौरान डीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति पर अत्याचार रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि केवल मामला दर्ज करना ही काफी नहीं है, बल्कि अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू कर पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा, पेंशन और यात्रा भत्ता मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया कि यदि जिले में कोई गंभीर घटना घटती है, तो संबंधित एसडीओ (SDO) और एसडीपीओ (SDPO) तुरंत मौके पर पहुंचेंगे। उनका कर्तव्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देना और नियमानुसार मिलने वाली तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराना होगा।

मुआवजे और रोजगार का आंकड़ा: लाखों का भुगतान

जिला कल्याण पदाधिकारी संजीव कुमार रत्न ने बैठक में विस्तार से प्रगति रिपोर्ट पेश की। आंकड़ों के अनुसार, जिला प्रशासन पीड़ितों को आर्थिक संबल प्रदान करने में तेजी से काम कर रहा है:

  • वर्ष 2026 (अब तक): कुल 197 मामलों के 288 पीड़ितों को 209.78 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए गए हैं।

  • वर्ष 2025: पिछले साल 1062 पीड़ितों को कुल 752.92 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।

  • पेंशन और नौकरी: वर्तमान में 137 प्रभावितों को नियमित पेंशन दी जा रही है। वहीं, अधिनियम के प्रावधानों के तहत 12 आश्रितों को सरकारी नौकरी दी गई है। खास बात यह है कि इन सभी को उनके घर के नजदीक ही तैनात किया गया है ताकि उन्हें सुरक्षा का अहसास हो।

महादलित टोलों में लगेंगे कैंप, मिलेगा योजनाओं का लाभ

डीएम ने निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए केवल कार्यालयों पर निर्भर न रहें। उन्होंने अधिकारियों को महादलित टोलों में विशेष शिविर (कैंप) आयोजित करने का आदेश दिया। इन कैंपों के माध्यम से:

  1. भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

  2. नए राशन कार्ड बनवाने के काम में तेजी लाई जाएगी।

  3. मुख्यमंत्री कबीर अंत्येष्टि योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी।

दिव्यांगों के लिए यूडीआईडी (UDID) कार्ड की पहल

बैठक में दिव्यांगजनों के अधिकारों पर भी चर्चा हुई। डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में शिविर लगाए जाएं ताकि दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड निर्गत करने में कोई कठिनाई न हो। इससे उन्हें सरकारी सुविधाओं और आरक्षण का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

हेल्पलाइन नंबर पर दें सूचना

आम जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। डीएम ने अपील की है कि किसी भी प्रकार के अत्याचार या भेदभाव की सूचना तत्काल साझा करें:

  • इमरजेंसी नंबर: डायल 112

  • जिला नियंत्रण कक्ष: 0612-2219810 और 2219234

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