BNT Desk: बिहार के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। लंबे समय से प्रतीक्षित राज्य के पहले एक्सप्रेसवे, Patna Purnea Expressway (NE-9), के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। केंद्र सरकार के आर्थिक कार्य विभाग (PPPAC) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वित्तीय मंजूरी दे दी है। अब अंतिम मुहर के लिए इसे केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा गया है, जिसके बाद जमीन पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
यह एक्सप्रेसवे न केवल पटना और पूर्णिया को जोड़ेगा, बल्कि बिहार के आर्थिक भविष्य के लिए एक ‘ग्रोथ इंजन’ की तरह काम करेगा।
सफर में समय की होगी बड़ी बचत
वर्तमान में पटना से पूर्णिया जाने में लोगों को काफी समय और खराब ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने के बाद यह स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी।
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रफ्तार: इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।
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समय: पटना से पूर्णिया का सफर जो अभी 7-9 घंटे लेता है, वह महज 3 घंटे में सिमट जाएगा।
32,000 करोड़ की लागत और हाइब्रिड मॉडल
इस मेगा प्रोजेक्ट को हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत बनाया जा रहा है। इसमें कुल लागत का 40% हिस्सा सरकार देगी, जबकि 60% राशि प्राइवेट एजेंसी लगाएगी।
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लागत: लगभग 32,000 करोड़ रुपये।
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लेन: शुरुआत में यह 4 लेन का होगा, लेकिन भविष्य को देखते हुए जमीन का अधिग्रहण 6 लेन के लिए किया जा रहा है ताकि बाद में विस्तार में दिक्कत न आए।
इन 8 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
यह एक्सप्रेसवे हाजीपुर के पास मीरनगर अरेजी से शुरू होगा और पूर्णिया के हंसदाह में जाकर ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ जाएगा। इस रूट के दौरान यह बिहार के कई प्रमुख जिलों की तस्वीर बदलेगा:
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वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इन इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होने से व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कोसी पर बनेगा 7 किमी लंबा ‘इंजीनियरिंग अजूबा’
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता कोसी नदी पर बनने वाला 7 किलोमीटर लंबा 6-लेन का पुल है। यह पुल दरभंगा के कुशेश्वरस्थान और सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर को जोड़ेगा।
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कोसी क्षेत्र जो अक्सर बाढ़ की मार झेलता है, वहां यह पुल साल भर अबाधित आवागमन सुनिश्चित करेगा।
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इसके अलावा, पूरे मार्ग पर 21 बड़े पुल और 11 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए जाएंगे ताकि ट्रैफिक कहीं भी न रुके।
कनेक्टिविटी को मजबूती देंगे लिंक रोड
एक्सप्रवेवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मुख्य शहरों को इससे जोड़ा जा सके। समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा जैसे जिला मुख्यालयों को मुख्य एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए विशेष लिंक रोड बनाए जाएंगे। इससे शहरों के भीतर का ट्रैफिक कम होगा और लंबी दूरी के यात्री सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे।
बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेमचेंजर’
Patna Purnea Expressway सिर्फ एक सड़क नहीं है, बल्कि बिहार के पिछड़े इलाकों (खासकर सीमांचल और कोसी) के लिए विकास का दरवाजा है।
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व्यापार: पश्चिम बंगाल और असम जाने वाले मालवाहक ट्रकों को एक सुगम मार्ग मिलेगा, जिससे माल ढुलाई सस्ती और तेज होगी।
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कृषि: पूर्णिया और मधेपुरा के किसान अपनी उपज (जैसे मक्का और जूट) को बहुत कम समय में राजधानी और अन्य बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।