BNT Desk: बिहार में अप्रैल महीने की शुरुआत होते ही प्रकृति के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां सूरज की तपिश लोगों को पसीने छुड़ाने लगी है, वहीं दूसरी तरफ चक्रवाती सिस्टम के कारण आसमान में बादलों और आंधी का दौर भी शुरू हो गया है। बिहार मौसम सेवा केंद्र और मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल में बिहारवासियों को भीषण गर्मी के साथ-साथ सामान्य से अधिक आंधी-बारिश का सामना करना पड़ सकता है।
आसमान में बादलों का डेरा: पूर्वी बिहार में चक्रवाती सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पूर्वी बिहार के ऊपर एक सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इस सिस्टम के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही लगी हुई है। बुधवार को राजधानी पटना सहित कई जिलों में दिनभर धूप और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। हालांकि बादलों की वजह से धूप की तीव्रता थोड़ी कम रही, जिससे गर्मी का एहसास थोड़ा संतुलित रहा, लेकिन वातावरण में नमी ने उमस को बढ़ा दिया है।
पारे की चाल: 40 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अप्रैल के दौरान राज्य के अधिकतर भागों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। आने वाले दिनों में पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने के आसार हैं।
मार्च महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो सासाराम का बिक्रमगंज सबसे गर्म रहा था, जहां 27 मार्च को तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, डेहरी में हाल ही में तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पटना की बात करें तो यहां अधिकतम तापमान फिलहाल 33.9 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन इसमें तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है।
आंधी और बारिश का ‘येलो अलर्ट’
तापमान बढ़ने के साथ ही बिहार में प्री-मानसून गतिविधियों ने भी रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अगले कुछ घंटों और दिनों के दौरान:
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तेज हवाएं: राज्य में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है। हाल ही में दरभंगा में 31 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा दर्ज की गई।
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वज्रपात का खतरा: बादलों के गर्जन के साथ बिजली कड़कने की प्रबल संभावना है।
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हल्की बारिश: उत्तर बिहार के जिलों जैसे दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। खगड़िया के बेलदौर में सर्वाधिक 26.2 मिमी वर्षा हुई है।
प्रमुख शहरों का तापमान एक नजर में
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| पटना | 33.9 | 24.4 |
| गया | 36.5 | 22.0 |
| भागलपुर | 34.8 | 21.3 |
| मुजफ्फरपुर | 32.8 | 20.5 |
हीटवेव (लू) की चेतावनी
जैसे-जैसे अप्रैल आगे बढ़ेगा, बिहार में उष्ण लहर (Heatwave) का प्रभाव बढ़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब शुष्क पछुआ हवाएं तेज होंगी, तब मैदानी इलाकों में लू का प्रकोप बढ़ेगा। ऐसे में दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बारिश ने पिछले महीने तोड़े रिकॉर्ड
बीते मार्च महीने में बिहार में अच्छी बारिश देखने को मिली थी। आंकड़ों के अनुसार, समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर में 21 मार्च को अकेले 75.4 मिमी बारिश हुई थी। पूरे महीने में कुल 214 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसने खेती और तापमान दोनों को प्रभावित किया। इस साल अप्रैल में भी इसी तरह के छिटपुट बारिश के दौर जारी रहने की उम्मीद है।
सावधानी और बचाव के उपाय
बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन और विशेषज्ञों ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
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बिजली से बचें: अगर आसमान में बादल हों और बिजली कड़क रही हो, तो खुले मैदान या पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
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धूल भरी आंधी: तेज हवाओं के दौरान वाहन चलाने से बचें और आंखों व सांस की सुरक्षा के लिए मास्क या चश्मे का प्रयोग करें।
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गर्मी से बचाव: दोपहर के समय सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
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किसानों के लिए: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि अचानक आंधी और बारिश से नुकसान हो सकता है।