BNT Desk: देशभर में 27 मार्च को रामनवमी का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव को लेकर पूरे भारत में उत्साह का माहौल है, लेकिन बिहार की राजधानी पटना में स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में इस बार की तैयारियां कुछ खास और बेहद भव्य हैं। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने मिलकर लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कमर कस ली है।
कोलकाता के फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा मंदिर
रामनवमी के अवसर पर महावीर मंदिर की आभा देखते ही बन रही है। मंदिर को पूरी तरह से नए रूप में सजाया गया है। सजावट के लिए खास तौर पर कोलकाता से सुगंधित और ताजे फूल मंगाए गए हैं, जिनसे मंदिर के हर कोने को महकाया गया है। इसके साथ ही, रात के समय मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए सैकड़ों आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं। पूरा परिसर दूधिया रोशनी और फूलों की खुशबू से सराबोर है, जो भक्तों को एक अलौकिक अनुभव प्रदान करेगा।
रात 2 बजे से ही शुरू होंगे दर्शन
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। भक्तों को लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए 26 मार्च की रात 2 बजे ही मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालु हनुमान जी के दोनों विग्रहों (मनोकामना पूरण हनुमान और संकट मोचन हनुमान) के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष करीब 5 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। इतनी भारी भीड़ के बावजूद भक्तों को गर्मी से राहत देने के लिए गर्भगृह में 80 टन क्षमता का एयर कंडीशनर (AC) लगाया गया है।
प्रथम 10 भाग्यशाली श्रद्धालुओं का होगा सम्मान
इस वर्ष रामनवमी के आयोजन में एक नया उत्साह जोड़ने के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष घोषणा की है। मंदिर के पट खुलने के बाद सबसे पहले दर्शन करने वाले 10 श्रद्धालुओं को सम्मानित किया जाएगा। यह पहल भक्तों के बीच अनुशासन और उत्साह को बढ़ावा देने के लिए की गई है।
25 हजार किलो ‘नैवेद्यम’ प्रसाद की व्यवस्था
महावीर मंदिर का ‘नैवेद्यम’ प्रसाद दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इस रामनवमी के लिए 25 हजार किलो नैवेद्यम तैयार किया गया है। इसे बनाने के लिए तिरुपति से विशेष कारीगर बुलाए गए हैं, जो शुद्ध घी और बेसन के इस अद्भुत प्रसाद को तैयार कर रहे हैं। इस प्रसाद की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 90 लाख रुपये है। यदि भीड़ अधिक होती है, तो अतिरिक्त 6 हजार किलो प्रसाद तैयार रखने का भी बैकअप प्लान बनाया गया है।
प्रसाद के लिए 15 काउंटर और सुरक्षा व्यवस्था
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के अंदर प्रसाद की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके बजाय, मंदिर परिसर से लेकर वीर कुंवर सिंह पार्क तक कुल 15 काउंटर बनाए गए हैं। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के बाद बाहर निर्धारित स्थानों से सुगमता पूर्वक प्रसाद ले सकेंगे।
सुरक्षा और व्यवस्था के अन्य मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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प्रवेश और निकास: श्रद्धालु उत्तरी गेट से प्रवेश करेंगे और दर्शन के बाद पूर्वी गेट से बाहर निकलेंगे।
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वीडियोग्राफी: पूरे आयोजन की निगरानी के लिए जिला प्रशासन द्वारा वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
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सीधा प्रसारण: जो लोग भीड़ के कारण पास नहीं जा पाएंगे, उनके लिए शहर में 20 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जहाँ पूजा का सीधा प्रसारण होगा।
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झांकियां: शहर की 52 अलग-अलग झांकियां झंडा लेकर मंदिर पहुंचेंगी, जिन्हें मंदिर प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं से शांति की अपील
महावीर मंदिर प्रबंधन ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। गर्मी और भीड़ को देखते हुए कतारबद्ध होकर दर्शन करें और प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग का ही पालन करें। पटना का महावीर मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि इस रामनवमी पर यह प्रबंधन और भव्यता की एक नई मिसाल पेश करने जा रहा है।