BNT Desk: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और खौफनाक चेहरे की एक और बड़ी वारदात सामने आई है। जिले के बोचहा थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने एक ऐसी घटना को अंजाम दिया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। कृषि और बागवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सूबे के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित हो चुके 40 वर्षीय प्रगतिशील किसान और नर्सरी संचालक राजू कुमार चौधरी की अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से पूरे मुजफ्फरपुर जिले में दहशत, तनाव और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश का माहौल है।
दुकान पर बैठे थे राजू चौधरी, ग्राहक बनकर आए कातिल
यह रूह कंपा देने वाली घटना मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा थाना क्षेत्र के चकेलाल गांव की है। मंगलवार की दोपहर राजू कुमार चौधरी अपने गांव में स्थित किराना दुकान पर शांति से बैठे हुए थे और रोजमर्रा के काम के तहत लहसुन छील रहे थे। तभी अचानक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन अज्ञात नकाबपोश अपराधी वहां आ धमके।
चश्मदीदों के मुताबिक, अपराधियों ने पहले राजू चौधरी से कुछ सामान खरीदने की बात की ताकि कोई उन पर शक न कर सके। जैसे ही राजू चौधरी सामान देने के लिए आगे बढ़े, अपराधियों ने अपनी कमर से पिस्तौल निकाली और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने सीधे राजू चौधरी के सिर को निशाना बनाया। एक गोली उनके सिर के आर-पार हो गई, जिससे वे लहसुन छीलते हुए काउंटर पर ही खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हत्यारे हथियार लहराते हुए बड़ी आसानी से बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।
SKMCH ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम
फायरिंग की गूंज सुनते ही आस-पास के खेतों और घरों से लोग दौड़कर दुकान की तरफ आए। वहां का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। स्थानीय ग्रामीणों और रोते-बिलखते परिजनों ने बिना एक पल गंवाए गंभीर रूप से घायल राजू चौधरी को तुरंत उठाकर इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SKMCH) पहुंचाया। हालांकि, सिर में गोली लगने के कारण उनका काफी खून बह चुका था। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजू चौधरी की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
“पिताजी को मुख्यमंत्री ने किया था सम्मानित” – रो पड़े मृतक के बेटे
राजू कुमार चौधरी कोई आम व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे इलाके के बेहद प्रतिष्ठित, मेहनती और प्रगतिशील किसान थे। कृषि और नर्सरी (पौधशाला) के क्षेत्र में उनके नए प्रयोगों और बेहतरीन योगदान की वजह से समाज में उन्हें एक विशेष आदर प्राप्त था।
घटना के बाद मृतक के पुत्र राहुल कुमार ने रोते हुए मीडिया को बताया, “मेरे पिता दुकान के काउंटर पर बैठे हुए थे, तभी तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे। उन्होंने बिना कोई मौका दिए पिता के सिर में बेहद करीब से गोली मार दी और भाग गए। हमारे परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। मेरे पिता को कृषि और नर्सरी के क्षेत्र में बेहतर और आधुनिक कार्य करने के लिए खुद बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका था।”
जांच के लिए बुलाई गई FSL की टीम
दिनदहाड़े एक सम्मानित किसान और व्यवसायी की हत्या की खबर मिलते ही स्थानीय बोचहा थाना पुलिस तुरंत दल-बल के साथ चकेलाल गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और घटनास्थल से अपराधियों के सुराग तलाशने की कोशिश कर रही है। साक्ष्य और वैज्ञानिक सबूत जुटाने के लिए पटना से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी विशेष रूप से बुलाया गया है।
मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए जिले के ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर तुरंत एसकेएमसीएच (SKMCH) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद मृतक के बेटे राहुल और अन्य परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और घटना की पूरी जानकारी ली।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती
मुजफ्फरपुर पुलिस के सामने फिलहाल इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना और हत्या की वजह का पता लगाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस इस मामले की जांच दो मुख्य पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रही है:
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रंगदारी (Extortion): राजू चौधरी एक सफल नर्सरी संचालक और व्यवसाई थे, इसलिए पुलिस जांच कर रही है कि कहीं किसी स्थानीय गैंग ने उनसे रंगदारी तो नहीं मांगी थी, जिसे देने से इनकार करने पर यह हत्या हुई हो।
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जमीनी विवाद: पुलिस परिजनों से उनके पुराने इतिहास और किसी भी तरह के पारिवारिक या जमीनी विवाद के बारे में भी इनपुट ले रही है।
ग्रामीण एसपी ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया है कि अपराधियों की पहचान के लिए इलाके के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही तीनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोल कर रख दी है।