ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद को बड़ा झटका: कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका, जेल में ही कटेंगी रातें

BiharNewsAuthor
6 Min Read

BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना से शिक्षा जगत और कानूनी गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना के चर्चित ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ (Gyan Bindu GS Academy) के डायरेक्टर रौशन आनंद को अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका (Bail Petition) को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि रौशन आनंद को फिलहाल जेल में ही रहना होगा और उन्हें अदालत से कोई राहत नहीं मिली है।

दिलचस्प बात यह है कि आज ही के दिन पटना सिविल कोर्ट से देश के मशहूर शिक्षक ‘खान सर’ को बड़ी राहत मिली है, जबकि दूसरी ओर इसी मामले से जुड़े रौशन आनंद को जेल में ही रहने का आदेश दिया गया है।

3 जून से न्यायिक हिरासत में हैं रौशन आनंद

आपको बता दें कि ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद पिछले कुछ दिनों से कानूनी शिकंजे में फंसे हुए हैं। वे बीते 3 जून से ही न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल में बंद हैं। उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से अदालत में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर पिछले कुछ समय से कोर्ट में बहस चल रही थी। रौशन आनंद के वकीलों ने उन्हें राहत देने की पूरी कोशिश की, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को पर्याप्त नहीं माना और जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया।

इंजरी रिपोर्ट और आपराधिक इतिहास बना जमानत खारिज होने की वजह

अदालत द्वारा रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज किए जाने के पीछे कुछ बेहद महत्वपूर्ण और कड़े कानूनी कारण सामने आए हैं। सूत्रों और अदालती कार्यवाही से मिली जानकारी के अनुसार, माननीय न्यायाधीश ने फैसला सुनाते समय मुख्य रूप से दो बड़ी बातों को ध्यान में रखा:

  1. नाइट गार्ड की इंजरी रिपोर्ट (Injury Report): इस पूरे विवाद या घटनाक्रम के दौरान जख्मी हुए नाइट गार्ड की जो मेडिकल और इंजरी रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश की गई, उसने रौशन आनंद की मुश्किलें बढ़ा दीं। रिपोर्ट में चोट की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इसे एक गंभीर मामला माना।

  2. पहले से दर्ज आपराधिक मामले (Antecedent): रौशन आनंद पर पहले से दर्ज कुछ पुराने मामलों और उनके आपराधिक इतिहास को भी सरकारी वकील द्वारा कोर्ट के सामने प्रमुखता से रखा गया। कोर्ट ने कानून व्यवस्था और पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें जमानत देना उचित नहीं समझा।

 

एक ही मामले में दो अलग फैसले

आज की कानूनी कार्यवाही में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि एक ही दिन दो बड़े शिक्षकों की किस्मत का फैसला हुआ, लेकिन दोनों के नतीजे बिल्कुल अलग रहे।

  • खान सर को बड़ी राहत: चर्चित शिक्षक खान सर (फैजल खान) को आज सुबह ही पटना सिविल कोर्ट से ‘अरेस्टिंग स्टे’ यानी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक (Interim Protection) मिल गई। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि खान सर के खिलाफ कोई भी कठोर या दंडात्मक कार्रवाई (No Coercive Action) न की जाए।

  • रौशन आनंद को झटका: वहीं दूसरी ओर, कोर्ट ने रौशन आनंद की भूमिका और उनके खिलाफ मौजूद सबूतों को गंभीर मानते हुए उन्हें जेल में ही रखने का फैसला सुनाया।

 

वकीलों की दलीलें नहीं आई काम

इससे पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान रौशन आनंद के वकील राघव कुमार ने अदालत में जोरदार बहस की थी। उन्होंने कोर्ट के सामने दलील दी थी कि इस मामले में धारा 109 (उकसाने का आरोप) जैसी गंभीर धाराएं लागू ही नहीं होती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि नाइट गार्ड को आई चोटें सामान्य (Simple Injury) श्रेणी की हैं और मामले से जुड़े अन्य सेक्शंस भी जमानती (Bailable) हैं। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस डायरी और इंजरी रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करने के बाद इन दलीलों को खारिज कर दिया और जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।

कोचिंग हब और छात्रों के बीच मची खलबली

पटना के मुसल्लहपुर हाट और नया टोला जैसे कोचिंग इलाकों में खान सर और रौशन आनंद दोनों ही बेहद लोकप्रिय नाम हैं। इन दोनों शिक्षकों से जुड़े इस बड़े कानूनी फैसले के बाद पटना के छात्र समुदाय और कोचिंग संचालकों के बीच खलबली मच गई है। जहाँ एक तरफ खान सर के समर्थक राहत की सांस ले रहे हैं, वहीं ज्ञान बिंदु कोचिंग और रौशन आनंद के छात्रों में इस फैसले के बाद मायूसी देखी जा रही है। अब रौशन आनंद के वकीलों की टीम जमानत के लिए पटना हाई कोर्ट (High Court) का रुख करने की तैयारी में जुट गई है।

Share This Article